जम्मू शहर में शनिवार को हुई आधे घंटे की बारिश से कई जगह जलभराव हो गया। केनाल रोड पर नहर की दीवार टूटने से पानी सड़कों पर बहता रहा। हालांकि बाद में फ्लड और इरीगेशन विभाग ने अस्थायी प्रबंध कर पानी रोका। वहीं निचले इलाकों में लोगों के घरों में भी पानी जा घुसा। सड़कों में जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बता दें, वीरवार रात को भी बारिश और तेज हवाओं से काफी नुकसान हुआ था। कई जगह बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए थे। बारिश सुबह नौ बजकर 55 मिनट पर शुरू हुई। करीब आधा घंटा जारी रही। गांधी नगर, रिहाड़ी चौक, महेशपुरा चौक, ज्यूल चौक, डोगरा चौक, केनाल रोड, त्रिकुटा नगर में जलभराव की स्थिति रही। इस कारण वाहन चालकों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, नगर निगम के नालियों के सफाई के दावे भी हवा हवाई साबित हुए। पहली ही बारिश में नालियां ओवरफ्लो हो गईं और कचरे से भरी नालियों में निकासी न होने से पानी सड़कों और गलियों में बहता रहा।
जम्मू-कश्मीर: आधे घंटे की बारिश से जलभराव, निचले इलाकों में लोगों के घरों में जा घुसा पानी
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बारिश थमने के बाद अवरुद्ध नालियों को खोलने का काम शुरू हुआ। सीटीओ हरेंद्र सिंह ने कहा कि अवरुद्ध नालियों को बहाल कर दिया गया है। लोगों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। नालियों को गहरा किया जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
अब बरसात शुरू होने पर नालों के किनारे रहने वालों को ओवरफ्लो की चिंता सता रही है। हर बरसात में शहर के नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं, जिससे लोगों का काफी नुकसान होता है। नानक नगर, कालिका कॉलोनी व आसपास के इलाकों में ओवरफ्लो की ज्यादा दिक्कत है। इनकी सफाई का काम चल रहा है, लेकिन पूरा नहीं हो पाया।
बारिश के बाद गर्मी से निजात मिली है। तापमान अनुकूल रहने के कारण बिजली लोड कम रहने से बिजली कट कम झेलने पड़े। दो से तीन मिनट तक के ही कट लगे। बिजली आपूर्ति बहाल रहने से पानी की आपूर्ति भी जरूरत के हिसाब से हुई। हालांकि बारिश के बाद निकली धूप ने उमस बढ़ा दी है।
धान-सब्जियों की फसल के लिए बारिश लाभदायक
बारिश को धान और सब्जियों की फसल के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। खेतों में पानी खड़ा होने से धान की पैदावार ज्यादा होगी। वहीं, सब्जियों की पैदावार के लिए भी बारिश लाभदायक है। पहले बारिश न होने के कारण पैदावार पर संकट मंडरा रहा था। अब बारिश होने के बाद किसानेें ने भी राहत की सांस ली है।
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