आतंकी हमलों के बाद घाटी में पीएम पैकेज के तहत तैनात 70 फीसदी मुलाजिम जम्मू लौट आए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि अनुच्छेद-370 हटने के समय कश्मीर घाटी में थोड़ा असुरक्षा का माहौल था। लेकिन समय के साथ हालात सामान्य होने लगे थे। कश्मीरी नागरिकों के साथ पीएम पैकेज के तहत कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलो में तैनात कर्मचारियों में सुरक्षा का भाव बढ़ रहा था। जम्मू की तरह बेखौफ अपने रोजमर्रा के कामों में लग जाते थे। लेकिन लगातार हुए आतंकी हमलों ने इन सभी उम्मीदों को खत्म कर दिया और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया। 1990 जैसे हालात फिर से पैदा करने की कोशिश की जा रही है। यह बात पीएम पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में तैनात एक सरकारी कर्मचारी ने कही। कर्मचारियों ने कहा कि कश्मीर संभाग में चार हजार के करीब युवा पीएम पैकेज के तहत सरकारी नौकरियों में हैं। सात अक्तूबर की घटना के बाद 70 फीसदी कर्मचारी जम्मू वापस लौट आए हैं।
भय और आक्रोश से भरा मन: कश्मीर से जम्मू लौटे 70 फीसदी कर्मचारी, बोले- 90 जैसे हालात बनाए जा रहे हैं
एक कर्मचारी ने कहा कि मैं कई साल से नौकरी कर रहा हूं, लेकिन पहले कभी ऐसा माहौल और डर नहीं देखा था। परिवार की चिंता भी इन आतंकी हमलों के डर को बयां करती है।
सरकारी स्कूल में तैनात एक कश्मीरी पंडित शिक्षक ने कहा कि धर्म देखकर हत्या करना मानवता के खिलाफ है। सरकारी कैंप में रहने वाले कर्मचारी वहीं पर है, लेकिन किराए के आवासों में रहने वाले सभी कर्मचारी वापस लौट चुके हैं। इसमें आरक्षित वर्ग के कर्मचारी भी हैं जो कश्मीर संभाग में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि इस माहौल के बाद घाटी के लिए वापसी पहले जैसी सामान्य नहीं होगी। अब वहां असुरक्षा का भाव हमारे मन में हमेशा रहेगा। उधर, इन आतंकी हमलों को लेकर लोगों में आक्रोश है।
कश्मीर घाटी में इस महीने हुई टारगेट किलिंग के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच हमले में शामिल आतंकियों की धरपकड़ के लिए पूरे कश्मीर में कई जगहों पर छापे मारकर 500 से अधिक युवाओं को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए युवाओं में पत्थरबाज, ओजीडब्ल्यू की संदिग्ध सूची में शामिल युवा और जमात-ए-इस्लामी व तहरीक-ए-हुर्रियत से जुड़े कैडर भी हैं। केंद्र से भेजे गए आईबी के वरिष्ठ अधिकारी पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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घाटी के सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अल्पसंख्यकों की कॉलोनियों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कुछ नाके बढ़ाए गए हैं, जहां से आने जाने वाले प्रत्येक की तलाशी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद पूरी घाटी में छापे मारकर संदिग्धों को पुलिस ने उठाया है।
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