नेकां (नेशनल कांफ्रेंस) प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला के बाद अब उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती पर गुरुवार शाम पीएसए लगा दिया गया। इसके साथ ही एमएलए हॉस्टल से रिहा किए जाने के तत्काल बाद पीडीपी के वरिष्ठ नेता और महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी व नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर पर भी पीएसए लगा दिया गया। नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व एमएलसी डॉ. बशीर वीरी को रिहा कर दिया गया। मदनी और सागर को गुपकार स्थित सरकारी बंगले में ले जाया गया। जबकि वीरी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया है।
तो इस वजह से उमर अब्दुल्ला-महबूबा मुफ्ती पर लगा पीएसए, अबतक इस कानून के तहत 389 लोग गिरफ्तार
सूत्रों ने बताया कि उमर, महबूबा की हिरासत की छह महीने की अवधि समाप्त होने के कारण यह फैसला किया गया। अब इन्हें तीन महीने तक बिना किसी ट्रायल के जेल में रखा जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को पीपुल्स कॉन्फेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही रविवार से बुधवार तक नौ नेता व कार्यकर्ता रिहा किए जा चुके हैं। दूसरी ओर यह भी जानकारी आ रही है कि छह महीने से नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को अब स्टेट गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया जा सकता है।
अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है जिनसे उसे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो।
फारूक अब्दुल्ला घर में ही हैं बंद
नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 15 सितंबर 2019 को पीएसए के तहत कार्रवाई की थी। जिसके बाद उन्हें गुपकार रोड स्थिति निजी आवास में ही कैद कर दिया था,और उनके घर को ही अस्थाई जेल घोषित कर दिया गया था।
