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कौन हैं गिलानी? जिन्हें जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने बताया आतंकियों का प्रेरक

Mon, 29 Jun 2020 05:02 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 29 Jun 2020 05:02 PM IST
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Akka of separatism motivator of terrorists resigns from Hurriyat said Former Jammu  Kashmir DGP sp vaid
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद, सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : अमर उजाला

सैयद अली शाह गिलानी के हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा देने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने उन पर निशाना साधा है। वैद ने कहा कि सब कुछ लुटाकर होश में आए तो क्या हुआ। इतना ही नहीं उन्होंने गिलानी को अलगाववाद का आका और आतंकियों का प्रेरक भी बताया। साथ ही पूर्व डीजीपी ने उन्हें घाटी में पाकिस्तान की आईएसआई का प्वाइंटमैन भी कहा।


 

Akka of separatism motivator of terrorists resigns from Hurriyat said Former Jammu  Kashmir DGP sp vaid
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : अमर उजाला

बता दें गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे दिया है। एक ऑडियो संदेश के जरिए उन्होंने कहा कि कॉंफ्रेंस के मौजूदा हालात को देखते हुए मैंने हर तरह से अलग होने का फैसला लिया है। फैसले के बारे में हुर्रियत के सभी लोगों को चिट्ठी लिखकर कर सूचना दे दी गई है। मालूम हो कि 90 साल के हुर्रियत नेता गिलानी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं है। इसी साल फरवरी महीने में वो अस्पताल में भर्ती हुए थे। कई बार उनकी सेहत को लेकर अफवाहें भी उड़ चुकी हैं।
 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः कौन हैं गिलानी?
Akka of separatism motivator of terrorists resigns from Hurriyat said Former Jammu  Kashmir DGP sp vaid
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : PTI
कौन हैं गिलानी?

गिलानी को देश भर में पाकिस्तानपरस्त अलगाववादी नेता के तौर पर जाना जाता है। दरअसल कई बार कश्मीर में अशांति फैलाने और व्यवस्था में अवरोध पैदा करने के आरोप में वह जेल की हवा खा चुके हैं। 1989 में कश्मीर में आपातकाल के शुरुआती दौर में ही उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से वो अलगाववादी नेता के तौर पर उभरे।

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Akka of separatism motivator of terrorists resigns from Hurriyat said Former Jammu  Kashmir DGP sp vaid
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : सोशल मीडिया

1962 में गिलानी पहली बार 13 महीने के लिए हवालात गए थे। इसी दौरान उनके पिता की मौत हो गई थी और वो घर भी नहीं जा पाए थे। इसके बाद से अब तक गिलानी कई बार जेल जा चुके हैं।


 
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सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : सोशल मीडिया
2010 में उनपर देशद्रोह का मुकदमा भी लग चुका है। वो पाकिस्तान से अवैध फंडिंग के सिलसिले में नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआईए) की जांच के दायरे में भी रहे हैं। 
 
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