वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा इस बार एक जुलाई से शुरू होने जा रही है। इसके लिए कल यानी 30 जून को जम्मू के भगवती नगर से पहला जत्था आधार शिविर बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना होगा। दोनों आधार शिविरों से शनिवार को श्रद्धालु पवित्र गुफा की ओर अपनी यात्रा आरंभ करेंगे।
अमरनाथ यात्रा 2023: सजने लगीं भक्तों की कतारें, गूंजने लगे भोले के जयकारे, अब तक तीन लाख लोगों का पंजीकरण
भोले के भक्त देश के विभिन्न हिस्सों से जम्मू पहुंचना शुरू हो गए हैं। यात्रा के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसे में जो श्रद्धालु किसी कारण पंजीकरण नहीं करा सके हैं उनके लिए जम्मू शहर में तत्काल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
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पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए हैं दो यात्रा मार्ग
श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए दो मार्ग हैं- पहलगाम और बालटाल मार्ग। श्रद्धालु पहलगाम यात्रा मार्ग को अधिक महत्व देते हैं। कथाओं में भी इसी मार्ग का जिक्र मिलता है। दूसरी ओर, जिन्होंने यात्रा को कम समय में पूरा करना होता है वे बालटाल यात्रा मार्ग का चयन करते हैं। इस मार्ग से यात्रा एक दिन में पूरी की जा सकती है।
पहलगाम मार्ग से यात्रा पूरी करने में तीन दिन का समय लगता है। समय की बचत के लिए कई श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचने के बाद बालटाल मार्ग से वापसी करते हैं। अगर मौसम साफ रहे तो इस मार्ग से तीन दिन के भीतर दर्शन कर बालटाल आधार शिविर में वापस पहुंचा जा सकता है। पहलगाम मार्ग में पहली रात शेषनाग आधार शिविर में गुजारनी पड़ती है। फिर दूसरी रात पंजतरणी में रुकना होता है। इसके बाद पंजतरणी से पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करके बालटाल के रास्ते उसी दिन आधार शिविर तक पहुंचा जा सकता है।
दोनों रूट से 10-10 हजार यात्री भेजे जाएंगे
अमरनाथ यात्रा में प्रतिदिन पहलगाम और बालटाल रूट से दस-दस हजार श्रद्धालुओं को भेजने की व्यवस्था होगी। इससे पहले यह आंकड़ा 7500-7500 था। इसके अलावा हेलिकॉप्टर सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की अलग व्यवस्था रहेगी। यात्रा मार्ग पर यात्रियों की मूवमेंट पर आरएफआईडी (रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन) प्रणाली से नजर रखी जाएगी।
यात्रा रूट पर पौष्टिक आहार मिलेगा
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ सेहत पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके लिए पर्याप्त स्वास्थ्य ढांचे के साथ निर्धारित फूड मैन्यू तय किया गया है। यात्रा ट्रैक पर जंक और फास्ट फूड नहीं परोसे जाएंगे, बल्कि सादा और पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाएगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर जारी फूड मैन्यू लंगर संगठनों, फूड स्टालों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर लागू रहेगा।
अब तक करीब तीन लाख ने कराया अग्रिम पंजीकरण
सूत्रों के अनुसार, इस बार अब तक करीब तीन लाख यात्री अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा चुके हैं। इस साल रिकार्ड यात्रा होने की उम्मीद है। वर्ष 2022 में 44 दिन की यात्रा में 20 दिन खराब मौसम के कारण यात्रा प्रभावित हुई थी। इस बार लखनपुर से कश्मीर तक विभिन्न स्थानों पर आपात स्थिति में यात्रियों को ठहराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। रामबन के चंद्रकोट में 3600 क्षमता वाला यात्री निवास स्थापित है। इस साल रिकार्ड 62 दिन की अमरनाथ यात्रा से जुड़े होटल, टैक्सी आपरेटर, ड्राई फ्रूट्स आदि व्यवसाय में तेजी आने की उम्मीद है।