कोरोना वायरस को मात देने के लिए जम्मू-कश्मीर में सेना मुस्तैदी से जुटी हई है। वहीं सेना के जवान लॉकडाउन के कारण लोगों को पेश आने वाली दिक्कतों का हर संभव समाधान कर रहे हैं। ऐसे ही कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सेना ने आनन-फानन में लोगों की मदद की है। ऐसा ही एक मामला जम्मू संभाग के राजोरी जिले का है। जहां सीआरपीएफ की ‘मददगार’ हेल्पलाइन ने एक युवक को उसके बीमार पिता से मुश्किल घड़ी में मुलाकात कराई।
कोरोना को मात देने और लोगों की मदद करने में जुटे भारत माता के जांबाज बेटे, देखें ये तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के राजोरी का मूल निवासी आरिफ मुंबई में चौकीदारी करता है। लॉकडाउन के बीच उसके 60 वर्षीय पिता वजीर हुसैन को ब्रेन हैमरेज हो गया था। आरिफ ने इस घड़ी में पिता से मिलने के लिए किसी से साइकिल मांगी मुंबई से जम्मू के लिए चल पड़ा। सीआरपीएफ की कश्मीर आधारित मददगार हेल्पलाइन को इसका सूचना मिली तो सीआरपीएफ ने पिता-पुत्र की मदद के प्रयास शुरू कर दिए। राजोरी से वजीर हुसैन को एयरलिफ्ट किया गया जबकि आरिफ को वड़ोदरा में खोज निकाला गया।
सीआरपीएफ ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए आरिफ को राजस्थान के जोधपुर और लुधियाना के रास्ते ट्रक से पंजाब पहुंचाया। वहीं इसी दौरान उसके पिता वजीर हुसैन को जम्मू से चंडीगढ़ पीजीआई शिफ्ट कर दिया गया। आखिरकार पिता और पुत्र की सोमवार को मुलाकात हो गई।
सीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर आरिफ की उसके पिता से मुलाकात की खबर साझा की है। सीआरपीएफ जम्मू-कश्मीर जोन के विशेष महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने बताया कि जैसे ही आरिफ का पता चला तो उसे वडोदरा में रुकने को कहा गया। उसके पिता को मददगार हेल्पलाइन के जरिए ख्याल रखने का भरोसा दिया गया। इसके बावजूद आरिफ ने इस घड़ी में पिता के साथ रहने की जिद नहीं छोड़ी। रविवार को वजीर हुसैन के पीजीआई में टेस्ट करवाए गए। सोमवार को आरिफ की पिता से मुलाकात करवाई गई।
वहीं, कश्मीर संभाग के अनंतनाग जिले में भारतीय सेना की ओर से स्क्रीनिंग टीम इलाके में लगा दी गई है। सेना की इस पहल की लोगों ने काफी सराहना की। कमांडिंग ऑफिसर कपिल सहगल ने कहा कि लोगों की हर संभव मदद के लिए सेना तैयार है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की, कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सरकार की ओर से जारी सभी आदेशों को गंभीरता से लेते हुए कोरोना वायरस को हराने में मदद करें।