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फारूक के घर के बाहर दिन-रात पहरा, तस्वीरों में देखें कहां कैद हैं जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम
Wed, 18 Sep 2019 12:45 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 18 Sep 2019 12:45 AM IST
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फारूक के घर के बाहर सुरक्षाबलों का पहरा
- फोटो : बासित जरगर
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पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पीएसए में निरुद्ध किए जाने के बाद गुपकार रोड स्थित उनके घर के बाहर सुरक्षा बलों का पहरा है। दिन-रात तैनात सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। श्रीनगर से सांसद फारूक को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद कर रखा गया था। रविवार को उन पर पीएसए लगा दिया गया।
गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल
- फोटो : बासित जरगर
घाटी में तेजी से बदल रहे हालात के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में निजी वाहन, निजी टैक्सी तथा ऑटो रिक्शा शहर के अनेक हिस्सों में चलते दिखे। रेहड़ी-पटरी वाले भी अपना कारोबार करते दिखे। एहतियातन सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी गई है। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्यालय खुले हैं। जिला मुख्यालय के कार्यालयों में सामान्य उपस्थिति दर्ज की गई।
गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल
- फोटो : बासित जरगर
समूची घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में मोबाइल टेलीफोन सेवा और सभी इंटरनेट सेवाएं पांच अगस्त से ही बंद हैं। हालांकि, दुकानें सुबह शाम खुल रही हैं। गलियों में स्थित दुकानें पूरे दिन खुली रह रही हैं।
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गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल
- फोटो : बासित जरगर
अब भी सड़कों से सार्वजनिक वाहन गायब हैं। स्कूलों में उपस्थिति नहीं है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। ज्ञात हो कि अधिकतर अलगाववादी नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा गया है।
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गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल
- फोटो : बासित जरगर
दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला एवं महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में या नजरबंद रखा गया है। पीएसए को फारूक के पिता एवं नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने 1978 में तब लागू किया था जब वह राज्य के मुख्यमंत्री थे।