{"_id":"5ee9a9338ebc3e4337590bf6","slug":"india-china-news-in-hindi-emergency-powers-given-to-security-forces-deployed-in-ladakh-bofors-cannons-sent-from-srinagar","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लद्दाख में तैनात सुरक्षाबलों को दी गईं आपातकालीन शक्तियां, श्रीनगर से भेजी गईं बोफोर्स तोपें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लद्दाख में तैनात सुरक्षाबलों को दी गईं आपातकालीन शक्तियां, श्रीनगर से भेजी गईं बोफोर्स तोपें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 17 Jun 2020 10:55 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
बोफोर्स तोप
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
गलवां घाटी में भारतीय सेना के जवानों की शहादत के बाद पूर्वी लद्दाख में सेना ने सतर्कता व चौकसी और बढ़ा दी है। गश्त भी बढ़ाई गई है। जवानों को एलएसी पर मुस्तैदी के साथ गलवां घाटी, पैंगोंग झील और आस-पास के इलाकों में लगातार गश्त करने व किसी भी प्रकार की संदिग्ध हलचल पर उसका प्रतिवाद करने को कहा गया है।
2 of 5
बोफोर्स तोप
इसके साथ ही नाइट पेट्रोलिंग भी तेज कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि लद्दाख में जवानों की तैनाती बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। गलवां में तनाव बढ़ने के बाद ऑर्टिलरी ताकत भी बढ़ाई गई है। इसके तहत श्रीनगर से कई बोफोर्स टैंक व तोप को लद्दाख में भेजकर तैनात किया गया है।
3 of 5
एलएसी पर सैन्य अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए
- फोटो : PTI
इस बीच सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक भारतीय सेना ने एलएसी पर चीन की सेना और उसकी हरकतों का मुकाबला करने के लिए लद्दाख में तैनात सुरक्षाबलों को आपातकालीन शक्तियां दी हैं। बता दें कि गलवां घाटी में सोमवार रात चीन के सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में भारतीय सेना के सीओ रैंक के एक अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
भारत चीन विवाद
- फोटो : पीटीआई
देर रात सेना से 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की। सीमा पर हुए खूनी संघर्ष में चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं। इनमें मृतक और गंभीर रूप से घायल चीन के सैनिक शामिल हैं।
विज्ञापन
5 of 5
गलवां घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प
- फोटो : अमर उजाला
चीन सीमा पर 45 साल बाद इस तरह की हुई यह पहली घटना है। इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में संघर्ष हुआ था जिसमें चार जवान शहीद हुए थे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।