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जम्मू के इस दरिया से पाक आतंकियों के घुसपैठ की आशंका, जीरो लाइन तक सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान
Tue, 04 Feb 2020 01:49 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 04 Feb 2020 01:49 AM IST
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तलाशी अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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नगरोटा बन टोल प्लाजा पर हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों के सांबा के चक दयाला क्षेत्र से घुसपैठ होने की आशंका पर सोमवार को बीएसएसफ और एसओजी ने हाईवे नानके चक से जीरो लाइन के निकट तक बसंतर दरिया के दोनों किनारों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान खोजी कुत्तों को भी लगाया गया। हालांकि, शाम तक चले अभियान में सुरक्षा बलों को कोई सफलता नहीं मिली। तलाशी अभियान में दिल्ली से आई सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल रहे।
तलाशी अभियान
- फोटो : अमर उजाला
रक्षा सूत्रों के अनुसार 31 जनवरी को तीन आतंकी सीमा से घुसपैठ कर हाईवे पर पहुंचे थे, जिनके लिए एक ट्रक पहले से ही तैयार था। आतंकी ट्रक से बन टोल प्लाजा पहुंचे। सूत्रों के अनुसार संभावना जताई जा रही है कि सांबा के सीमावर्ती गांव चक दयाला क्षेत्र के बंसतर रास्ते से आतंकियों ने घुसपैठ की और बसंतर दरिया से होते हुए नानके चक हाईवे तक पहुंचे।
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इसी की खोजबीन के लिए सोमवार सुबह से ही बीएसएफ और एसओजी की टीम ने खोजी कुत्तों की सहायता से नानके चक क्षेत्र से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा तक बसंतर को खंगाला। हालांकि, सुरक्षा बलों को कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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दिल्ली से आए एनआईसी के एक टूआईसी रैंक के अधिकारी अंकुल वैद ने भी बीएसएफ के अधिकारियों व जवानों के साथ बसंतर दरिया से इनपुट हासिल करने की कोशिश की। घुसपैठ के इनपुट फिलहाल हाथ नहीं लगे हैं। वहीं खोजी कुत्ते को जब नानके चक क्षेत्र में छोड़ा गया। सूत्रों का मानना है कि पांव के निशान पुराने होने पर डॉग स्क्वायड को भी परेशानी हो रही थी।
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तस्करी के लिए रहा है मशहूर
सांबा का बसंतर दरिया पहले तस्करी के लिए काफी मशहूर रहा है। तस्करी के साथ ही यह रास्ता आतंकियों का भी मार्ग बन गया। इसी क्षेत्र से दर्जनों घुसपैठ की कोशिशें हो चुकी हैं। कई बार आतंकी अपनी साजिश में सफल भी हुए। इसी क्षेत्र से एक पुख्ता इनपुट पर सेना ने पांच आतंकियों को जीवित पकड़ा था। वहीं तीन आतंकी घुसपैठ कर सुपबाल पहुंचे थे। सेना व पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें जवान भी शहीद हुए, लेकिन आतंकी बच निकलने में सफल रहे। सूत्रों का कहना कि नानके चक से जीरो लाइन 12 किलोमीटर की दूरी पर है। यह आतंकियों को निकट व सुगम मार्ग रहा है।
सांबा का बसंतर दरिया पहले तस्करी के लिए काफी मशहूर रहा है। तस्करी के साथ ही यह रास्ता आतंकियों का भी मार्ग बन गया। इसी क्षेत्र से दर्जनों घुसपैठ की कोशिशें हो चुकी हैं। कई बार आतंकी अपनी साजिश में सफल भी हुए। इसी क्षेत्र से एक पुख्ता इनपुट पर सेना ने पांच आतंकियों को जीवित पकड़ा था। वहीं तीन आतंकी घुसपैठ कर सुपबाल पहुंचे थे। सेना व पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें जवान भी शहीद हुए, लेकिन आतंकी बच निकलने में सफल रहे। सूत्रों का कहना कि नानके चक से जीरो लाइन 12 किलोमीटर की दूरी पर है। यह आतंकियों को निकट व सुगम मार्ग रहा है।