आतंकवाद से प्रभावित कश्मीर घाटी की युवतियां रूढ़िवादी समाज से बाहर निकलकर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। शिक्षा हो या चाहें खेल का मैदान पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यह बदलाव भी कुछ सालों से दिख रहा है। नहीं तो पहले घाटी में जहां अलगाववादियों का फरमान चलता था वहीं महिलाओं को पर्दे में रहना जरूरी था और घर से बाहर निकलने पर बुरा माना जाता था। तरह-तरह के प्रतिबंध थे लेकिन अब नया कश्मीर सामने आ रहा है।
नई उड़ान भर रहीं कश्मीर की बेटियां, घाटी में पहली बार हुआ स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन
अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 03 Mar 2020 12:32 PM IST
सार
शिक्षा हो या चाहें खेल का मैदान कश्मीर घाटी की युवतियां पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यह बदलाव भी कुछ सालों से दिख रहा है। नहीं तो पहले घाटी में जहां अलगाववादियों का फरमान चलता था वहीं महिलाओं को पर्दे में रहना जरूरी था और घर से बाहर निकलने पर बुरा माना जाता था। तरह-तरह के प्रतिबंध थे लेकिन अब नया कश्मीर सामने आ रहा है।
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