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कश्मीरी पंडितों के जख्मों को हरा कर गई अजय की हत्या, फिर याद आया नादिमर्ग और नब्बे का नरसंहार

Tue, 09 Jun 2020 03:38 PM IST
प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, जम्मू-कश्मीर
प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, जम्मू-कश्मीर Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 09 Jun 2020 03:38 PM IST
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Kashmiri Pandit Ajay Sarpanch murdered, Nadimarg and massacre of Kashmiri Pandits 1990
अजय पंडिता की हत्या - फोटो : अमर उजाला

1990 हो या 2003 अथवा बीते कल की घटना, कश्मीरी पंडितों के शरीर ही नहीं जेहन में किए गए बर्बरतापूर्ण प्रहारों के निशान बार-बार एक ही सवाल पूछते हैं...आखिर हमारा कसूर क्या था? आखिर किस जुर्म की सजा मिली। वो दर्द और बर्बरता, कश्मीरी पंडितों को आज भी कचोटती रहती है। वहीं कल यानी कि सोमवार को हुई अजय पंडिता की हत्या ने एक बार फिर पुराने घावों को कुरेद दिया है।



 

Kashmiri Pandit Ajay Sarpanch murdered, Nadimarg and massacre of Kashmiri Pandits 1990
कश्मीरी पंडितों के जख्मों को हरा कर गई अजय की हत्या - फोटो : अमर उजाला

आज हम बात कर रहे हैं नादिमर्ग नरसंहार की। इसमें आतंकियों ने महिलाओं और मासूम बच्चों समेत 25 लोगों को कतार में खड़ा करके गोलियों से भून दिया था। उन 25 लोगों में से 24 की मौके पर मौत हो गई थी। कश्मीर में 1989-90 में आतंकवाद चरम पर आते ही कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम शुरू हो गया। बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित जान बचाकर घाटी से पलायन कर गए। फिर भी नादिमर्ग में कश्मीरी पंडितों के दस परिवार वहीं बने रहे।


 
Kashmiri Pandit Ajay Sarpanch murdered, Nadimarg and massacre of Kashmiri Pandits 1990
कश्मीरी पंडितों के जख्मों को हरा कर गई अजय की हत्या - फोटो : अमर उजाला

समय गुजरता गया 23 मार्च, 2003 को गांव में दिन के समय आतंकी देखे गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बताया जाता है कि पुलिस मौके पर पहुंची ही नहीं थी। इसी रात हथियारों से लैस आतंकी गांव में घुसे। इसके बाद आतंकियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। गांव के कश्मीरी पंडितों को कतार में खड़ा किया गया। जिसमें महिला, बच्चे और पुरुष थे। देखते ही देखते गोलियों की बौछार शुरू हो गई। हर ओर दिल दहला देने वाली चीखें थीं। थोड़ी देर बाद सन्नाटा पसर गया। हर तरफ लाशें थीं। सारा गांव श्मशान बन चुका था।


 
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Kashmiri Pandit Ajay Sarpanch murdered, Nadimarg and massacre of Kashmiri Pandits 1990
कश्मीरी पंडितों के जख्मों को हरा कर गई अजय की हत्या - फोटो : अमर उजाला

वहीं साल 1990 में आतंकियों का डेथ वारंट जारी करने वाले एक जज, वकील, कारोबारी समेत कई पंडितों को घर से निकालकर सरेआम गोली मार दी गई। किसी की आंखों के सामने भाई को मार दिया, तो किसी की बहू-बेटी की आबरू लूट ली गई। जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने पर आतंकियों ने एक नर्स को आरे से जिंदा चीर दिया। जान से मारने की धमकी के बाद घर में चावल के ड्रम में छिपे एक पंडित को गोलियों से भून दिया।


 
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Kashmiri Pandit Ajay Sarpanch murdered, Nadimarg and massacre of Kashmiri Pandits 1990
कश्मीरी पंडितों के जख्मों को हरा कर गई अजय की हत्या - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद आतंकियों ने उसकी पत्नी को खून से सने चावल पकाकर खिलाए। कश्मीर छोड़कर भाग जाने के लिए पंडितों के घरों के बाहर और सड़कों पर पोस्टर चस्पा कर दिए गए। 19 जनवरी, 1990 के दिन श्रीनगर में लाखों लोगों का जुलूस निकाला गया। नारे लगे- हम क्या चाहते आजादी, कश्मीरी पंडितों भाग जाओ, औरतों को छोड़ जाओ।

 

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