भोले बाबा के आधार शिविर रनसू (शिवखोड़ी) रियासी में 20-22 फरवरी को शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शोभा यात्रा, फोटो प्रदर्शनी, विभिन्न विभागों के स्टाल, दंगल का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू में श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा के बाद दूसरे सबसे बड़े धार्मिक स्थान श्री शिवखोड़ी धाम में भगवान शिव ने भस्मासुर को भस्म किया था। पौराणिक कथा के अनुसार भस्मासुर ने भगवान शिव की आराधना कर उनको प्रसन्न किया, जिसके फलस्वरूप शिव ने उसको मुंह मांगा वर देते हुए कहा कि भस्मासुर जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा वह वहीं भस्म हो जाएगा।
शिवगुफा: जहां भोले ने भस्मासुर को किया था खत्म, शिवरात्रि पर पहुंचेंगे लाखों भक्त
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शिव से वरदान मिलने के बाद भस्मासुर अहंकारी हो गया। उसने अहंकार में आकर शिव को ही भस्म करने की सोची और उनका पीछा करने लगा। भगवान शिव भस्मासुर की मंशा को भांपते हुए शिवखोड़ी की पहाड़ियों में आकर एक गुफा में बैठ गए।
भस्मासुर के पीछा करने के उपरांत शिव ने मनमोहनी रूप धारण कर लिया तथा गुफा के बाहर आकर नृत्य करने लगे। मनमोहनी व सुंदर स्त्री को देखकर भस्मासुर भी उनके साथ नृत्य करने लगा। इस दौरान जैसे ही शिव ने अपना हाथ अपने सिर पर रखा तो भस्मासुर ने उनका अनुसरण करते हुए अपना हाथ अपने सिर पर रख लिया, इसके बाद वह वहीं भस्म हो गया।
शिवखोड़ी की प्राकृतिक गुफा संगड़ की पहाड़ियों में स्थित है। गुफा के भीतर लगभग तीन फीट का प्राकृतिक शिवलिंग है, जिसकी पूजा की जाती है। पुरानी गुफा से भीतर जाने का रास्ता काफी संकरा और टेढ़ा-मेढ़ा है। वहां से खड़े होकर अथवा बैठ कर ही निकला जा सकता है। लगभग तेरह वर्ष पहले कोंकण रेलवे की तरफ से एक नई गुफा का निर्माण किया गया, जिससे श्रद्धालु किसी भी प्रकार से अंदर जा सकते हैं।
शिवखोड़ी के आधार शिविर रनसू से जम्मू, कटड़ा, उधमपुर या फिर अन्य किसी भी स्थान से किसी भी वाहन के जरिये पहुंचा जा सकता है। आधार शिविर से गुफा तक पौने चार किलोमीटर की सरल चढ़ाई है। इसके अलावा घोड़ा पालकी की भी सेवा ली जा सकती है। समय के अनुसार गठित हुए श्री शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड रनसू की तरफ से पैदल ट्रैक पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पानी की व्यवस्था के साथ ही शौचालय भी बनाए गए हैं। गुफा के बाहर पांच मंजिला इमारत बना कर कमरे बनाए गए हैं। इसके साथ ही लाकर की भी व्यवस्था की गई है। महाशिवरात्रि के मौके पर दो लाख श्रद्धालु आते हैं, जिसके लिए पूरे इंतजाम किए गए होते हैं।

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