नियंत्रण रेखा पर बर्फबारी के चलते घुसपैठ करने में विफल आतंकी अब अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ की फिराक में हैं। इसके लिए आईएसआई हथकंडे अपनाते हुए रेकी करवा रही है। मंगलवार को पाकिस्तानी रेजरों ने भारतीय सीमा में ड्रोन भेजकर बंईं नाले की रेकी करनी चाही थी, लेकिन बीएसएफ जवानों की मुस्तैदी से उनके नापाक इरादे पूरे नहीं हो पाए। बंई नाले से पहले भी घुसपैठ हो चुकी है।
बंई नाले की रेकी के लिए पाकिस्तान ने भेजा था ड्रोन, उपराज्यपाल ने कहा- आईबी पर और सतर्कता बढ़ाएं
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सूत्रों के अनुसार बंई नाले के उस पार पाकिस्तान की सुकमाल पोस्ट है, जहां पाक सैनिकों ने आतंकियों के लिए लांचिंग पैड बनाया है। पाक अधिकृत कश्मीर से आतंकियों को प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें इन्हीं लांचिंग पैड पर लाया जाता है। जहां से उन्हें सीमा की पहले रेकी करवाई जाती है और मौका मिलते ही घुसपैठ कराई जाती है।
13 सितंबर, 2018 को झझर कोटली में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकी भी बंई नाले के रास्ते ही घुसे थे। अब नगरोटा के बन टोल प्लाजा में मारे गए आतंकियों के भी बंई नाले से घुसपैठ करने की आंशका जताई जा रही है। एक अधिकारी के अनुसार बंई नाला आतंकियों का सुगम मार्ग है, नाले में घना सरकंडा होने व यहां से हाईवे की दूरी भी करीब आठ किलोमीटर है, जिससे घुसपैठ करने के बाद आतंकी आसानी से हाईवे तक पुहंच जाते हैं।
उधर, रेकी के मामले को लेकर कटाऊ आउटपोस्ट के नजदीक आईबी से सटे क्षेत्र में मंगलवार शाम पाकिस्तानी ड्रोन से रेकी के प्रयास पर बीएसएफ ने आपत्ति जताई है। बुधवार को इस मसले पर बीओपी बोबिया से 173 बटालियन और पाकिस्तान की बॉर्डर आउटपोस्ट चक टिंबर से 25 चिनाब रेंजर्स के बीच 11 मिनट की मुलाकात हुई।
उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने आईबी पर और अधिक सतर्कता बढ़ाए जाने पर जोर दिया है। यह सुझाव उन्होंने बीएसएफ मुख्यालय (दिल्ली) के आईजी एल मोहंती को मुलाकात के दौरान दिया। दोनों के बीच जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ और इसके कामकाज को लेकर बातचीत हुई। साथ ही सुरक्षा तथा बीएसएफ ऑपरेशन को लेकर कई तरह के मुद्दों पर चर्चा की गई।

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