पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर अपनी तरफ हाईटेक कैमरे और सिग्नल टॉवर लगाने शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तानी सेना और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने 18 सिग्नल टॉवर स्थापित कर दिए गए हैं जिससे सीमा पार की गतिविधि पर नजर रखी जा सके। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक आतंकवादी 26 जनवरी से पहले जम्मू-कश्मीर में एलओसी से सटे अन्य क्षेत्रो में आईईडी विस्फोट और बैट हमले की योजना बना रहे हैं।
पाकिस्तान की नई साजिश, एलओसी पर 18 उच्च तकनीक के कैमरे और सिग्नल टॉवर लगाए, सेना सतर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने पीओके के कोटली में कमांडिंग अधिकारियों के साथ एक बैठक कर आईईडी विस्फोट के बारे में चर्चा भी की थी। यही नहीं पाकिस्तानी आर्मी के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) के दस कर्मियों को आईईडी विस्फोट करने और उसके बाद बैट हमले के लिए नियुक्त किया गया है। इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने दिसंबर 2019 में इसी तरह की बैठक कोटली में बुलाई थी, जहां बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के लिए रणनीति तैयार की गई थी। बैट टीमों को आईएसआई और आतंकी संगठनों से भी मदद मिल रही है।
खुफिया एजेंसियों ने दिसंबर 2019 और इस साल की शुरुआत में भारतीय सुरक्षा बलों पर बैट हमलों की चेतावनी दी थी। ऐसा ही एक हमला पहले भी हो चुका है और नियंत्रण रेखा पर सेना के जवानों को अब ऐसे और हमलों के बारे में आगाह किया गया है। बैट स्क्वाड में आतंकवादी और पाकिस्तानी सेना के जवान शामिल हैं।
बता दें, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि आतंकियों के साथ दस एसएसजी कमांडों के एक समूह को पुंछ के कृष्णाघाटी (केजी) सेक्टर में देखा गया था जोकि भारतीय सीमा चौकियों पर हमले की योजना बना रहे थे। इतना ही नहीं पाकिस्तान की बैट टीम पर 10 जनवरी को सीमावर्ती जिले पुुंछ में सीमा पार से गोलाबारी में मारे गए दो पोर्टरों में से एक का सिर काटने का भी आरोप है। उल्लेखनीय है कि बैट अटैक की पिछली ऐसी घटना सितंबर 2018 में घटी थी, जब सांबा जिले में एक बीएसएफ जवान की हत्या कर दी गई थी और उसके शव को क्षत-विक्षत कर दिया गया था।
वहीं पाकिस्तान द्वारा एलओसी पर हाईटेक कैमरे और सिग्नल टॉवर लगाने के इनपुट के बाद भारतीय सेना ने भी अपनी चौकसी पहले से अधिक बढ़ा दी है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि हमारी सेना तो वैसे भी पाकिस्तानी सेना व आईएसआई के हर नापाक मंसूबे को विफल करने में सक्षम व तैयार है, लेकिन इस इनपुट के बाद सेना पहले से कहीं अधिक सतर्क है और पाकिस्तानी सेना की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।