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अफजल गुरु की बरसी: तस्वीरों में देखें हाल-ए-कश्मीर, संसद हमले में दोषी को सात साल पहले हुई थी फांसी
Sun, 09 Feb 2020 12:19 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 09 Feb 2020 12:19 PM IST
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हाल-ए-घाटी
- फोटो : बासित जरगर
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संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु को आज ही के दिन साल 2013 में फांसी दी गई थी। ऐसे में माहौल न बिगड़े इसके चलते प्रशासन ने कश्मीर में 2जी इन्टरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। इसी के चलते पूरी घाटी में बंद का असर देखने को मिल रहा है।
हाल-ए-घाटी
- फोटो : बासित जरगर
गत दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में नौ फरवरी के आस-पास किसी बड़े फिदायीन हमले की फिराक में है और इसी के मद्देनजर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। सात साल पहले नौ फरवरी को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दी गई थी। अलर्ट में बताया गया था कि इसी दिन पाकिस्तानी आतंकी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की छावनियों या काफिले को निशाना बना सकते हैं।
हाल-ए-घाटी
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू-पठानकोट हाईवे पर सुरक्षा के यह बंदोबस्त जम्मू-कश्मीर में खुफिया एजेंसियो के उस अलर्ट के बाद किए गए हैं जिसमें कहा गया है, "पाकिस्तान समर्थित आतंकी नौ फरवरी के आस-पास जम्मू में फिदायीन हमला कर सकते हैं।" इस अलर्ट में ये भी कहा गया है, "पाकिस्तानी फिदायीन जम्मू में किसी सैन्य शिविर या फिर सेना या अर्धसैनिक बलों की छावनी को निशाना बना सकते हैं।" इस अलर्ट के बाद जम्मू में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं और शहर में आने वाले हर वाहन की तलाशी की जा रही है। सुरक्षा बल खासतौर पर पंजाब की तरफ से आने वाले वाहनों पर नजर रखे हुए हैं।
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हाल-ए-घाटी
- फोटो : बासित जरगर
पूछताछ में हुआ खुलासा
दरअसल, 31 जनवरी को जम्मू के नगरोटा में हुए एनकाउंटर में जिंदा पकडे़ गए आतंकियों के मददगार समीर डार ने पूछताछ में कबूला है कि पाकिस्तान अफजल गुरु की बरसी वाले दिन यानि नौ फरवरी के आस-पास जम्मू में फिदायीन हमले की फिराक में था। खुफिया एजेंसियों की मानें तो इस हमले को अंजाम देने के लिए फिदायीन जम्मू पहुंच चुके हैं। इस अलर्ट के बाद अब जम्मू शहर में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ ही अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है।
दरअसल, 31 जनवरी को जम्मू के नगरोटा में हुए एनकाउंटर में जिंदा पकडे़ गए आतंकियों के मददगार समीर डार ने पूछताछ में कबूला है कि पाकिस्तान अफजल गुरु की बरसी वाले दिन यानि नौ फरवरी के आस-पास जम्मू में फिदायीन हमले की फिराक में था। खुफिया एजेंसियों की मानें तो इस हमले को अंजाम देने के लिए फिदायीन जम्मू पहुंच चुके हैं। इस अलर्ट के बाद अब जम्मू शहर में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ ही अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है।
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- फोटो : बासित जरगर
सीमा पर भी हाई अलर्ट
सुरक्षा एजेंसियों की खास निगाह में जम्मू से श्रीनगर की तरफ जाने वाले ट्रक हैं। क्योंकि समीर डार से पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को यह पता चला है कि पाकिस्तान जम्मू से श्रीनगर जाने वाले ट्रकों में आतंकियों को घाटी भेज रहा है। इसके लिए पाकिस्तान के इशारे पर ट्रकों में खास तरह के इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षाबलों को चकमा दिया जा सके। अब इस अलर्ट के बाद कश्मीर जाने वाले ट्रकों की विशेष तलाशी ली जा रही है। खुफिया एजेंसियो के इस अलर्ट के बाद सुरक्षाबल जम्मू से सटी पाकिस्तानी सीमा पर भी खास निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की खास निगाह में जम्मू से श्रीनगर की तरफ जाने वाले ट्रक हैं। क्योंकि समीर डार से पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को यह पता चला है कि पाकिस्तान जम्मू से श्रीनगर जाने वाले ट्रकों में आतंकियों को घाटी भेज रहा है। इसके लिए पाकिस्तान के इशारे पर ट्रकों में खास तरह के इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षाबलों को चकमा दिया जा सके। अब इस अलर्ट के बाद कश्मीर जाने वाले ट्रकों की विशेष तलाशी ली जा रही है। खुफिया एजेंसियो के इस अलर्ट के बाद सुरक्षाबल जम्मू से सटी पाकिस्तानी सीमा पर भी खास निगरानी कर रहे हैं।