कश्मीर घाटी में लंबे समय से सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बच्चों को बहका रहा है। जैश बच्चों को भ्रमित कर कट्टरपंथी विचार की ओर प्रेरित कर रहा है जिससे प्रभावित होकर बच्चे आतंकवाद का रास्ता चुन रहे हैं।
हुनर भरे हाथों में हथियार थमा रहा जैश, माता-पिता से उनकी औलादें छीनने की गंदी हरकत
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बता दें कि ऐसा ही एक मामला लाल चौक हमले को अंजाम देने वाले छात्रों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है। छात्रों ने पूछताछ में बताया कि वह कट्टरपंथी विचार धारा वाले कुछ लोगों के संपर्क में थे। उन्होंने ही हमें आतंकवाद की राह पर धकेला है।
एसएसपी श्रीनगर डॉ. हसीब मुगल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए तीनों छात्रों के मोबाइल से आतंक के प्रति प्रेरित करने वाली सामग्री बरामद हुई है। एसएसपी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों विशेषकर घर से बाहर रहने वाले बच्चों की हरकतों और उनके फ्रेंड सर्कल पर ध्यान दें। साथ ही समय समय पर उनके मोबाइल और लैपटॉप आदि की भी जांच करें।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए छात्रों में नवीद नामी ने 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और वह श्रीनगर में नीट परीक्षा की कोचिंग कर रहा था। लाल चौक में नवीद द्वारा ही ग्रेनेड फेंकने की बात सामने आई है।
लाल चौक पर सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड हमले में शामिल आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दक्षिणी कश्मीर के ये तीनों छात्र श्रीनगर में कोचिंग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार यह जैश की जड़ें श्रीनगर में मजबूत करने के लिए भी काम कर रहे थे। साथ ही वीपीएन के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से साथ सीधे संपर्क में थे। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि इस मॉड्यूल का मुख्य मकसद श्रीनगर में पटरी पर लौट रहे सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना था।