जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में अष्टादश भुजा स्वरूप माता काली की वार्षिक यात्रा का आयोजन किया गया। सरकूट गौरी शंकर मंदिर में पूर्णाहुति के बाद माता की शोभायात्रा निकाली गई और बाद में छड़ी यात्रा जिला मुख्यालय से 27 किलोमीटर दूर मां के दरबार सरथल के लिए रवाना हुई। इस दौरान मां के जयकारों से पूरा किश्तवाड़ नगर गूंज उठा। इस यात्रा को सरकारी यात्रा के नाम से भी जाना जाता है। यात्रा का आयोजन सरथल देवी ट्रस्ट के चेयरमैन विक्रमादित्य सिंह के नेतृत्व में किया गया।
Sarthal Devi Yatra: माता काली के जयकारों से गूंजा किश्तवाड़, जानिए इसे क्यों कहते हैं सरकारी यात्रा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:15 AM IST
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