{"_id":"5e348cf28ebc3e4b267f7820","slug":"shortage-of-arms-with-terrorists-in-kashmir-pakistan-was-sending-ammunition-through-nagrota-route","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में आतंकियों के पास हथियारों की कमी, पाक इस रास्ते से भेज रहा था गोलाबारूद, मारे गए तीन आतंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में आतंकियों के पास हथियारों की कमी, पाक इस रास्ते से भेज रहा था गोलाबारूद, मारे गए तीन आतंकी
Sat, 01 Feb 2020 01:54 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 01 Feb 2020 01:54 AM IST
विज्ञापन
नगरोटा मुठभेड़ में बरामद हथियार व गोलाबारूद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में मौजूद आतंकी हथियारों की जबरदस्त कमी से जूझ रहे हैं। आतंकियों के पास हथियार और गोला बारूद नहीं है। इसलिए पाकिस्तान से सप्लाई कराई जा रही है। पहले पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार भेजने का प्रयास किया गया। अब अंतरराष्ट्रीय बार्डर से आतंकियों की घुसपैठ की बात सामने आई है।
नगरोटा मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
नगरोटा के बन टोल प्लाजा के पास मारे गए आतंकियों से बरामद गोला बारूद भी पाकिस्तान से आया है। इसमें अमेरिका की एम4 कार्बाइन गन भी शामिल है। पाकिस्तान में तैयार एक अन्य गन और एक चाइनीज पिस्टल भी है। सूत्रों का कहना है कि बार्डर पर मौजूद आतंकियों को पाकिस्तानी सेना गोला बारूद दे रही है। जैसे ही आतंकी घुसपैठ करते हैं, तो उनको हथियार भी दिए जाते हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने भी माना है कि आतंकियों के पास कश्मीर में हथियारों की कमी है। इसलिए पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई हो रही है।
नगरोटा मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान न सिर्फ आतंकियों की घुसपैठ करवा रहा है, बल्कि हथियार भी भेज रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर पाकिस्तान की तरफ अभी आतंकियों के लांच पैड चल रहे हैं। यहां आतंकी मौजूद हैं और उनकी निरंतर घुसपैठ की कोशिश है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगरोटा मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी हमले की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ, पुलिस और सेना के 500 जवानों ने जवाबी कार्रवाई का मोर्चा संभाल लिया। तीनों बलों के तमाम बड़े अधिकारी भी बारी-बारी पहुंचने लगे। एक आतंकी मौके पर ही ढेर कर दिया गया था। लेकिन बाकी के दो आतंकी भाग कर खड्डों में चले गए। दुरूह क्षेत्र होने के चलते आतंकियों को ढूंढना भी चुनौती थी। इसके लिए ड्रोन कैमरों और हेलिकॉप्टर की मदद भी ली गई। इस कार्रवाई में आतंकियों ने पुलिस के एक ड्रोन को भी अपना निशाना बनाया। लोकेशन पता चलते ही आतंकियों पर राकेट लांचर से भी हमला किया गया।
विज्ञापन
नगरोटा मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार नगरोटा के एसडीपीओ मोहन लाल अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे। नगरोटा में सेना की 16वीं कोर में भी इसकी जानकारी दी गई। साथ ही सीआरपीएफ को भी इत्तला दे दी गई। तीनों बलों ने संयुक्त प्लानिंग के तहत आतंकियों के सफाए के लिए आपरेशन शुरू कर दिया। 6 घंटों के भीतर सुरक्षाबलों ने बचे हुए दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया। हमले के बाद मौके पर पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी पहुंचे। इनमें डीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी समेत अन्य बड़े अधिकारी शामिल हैं।