कश्मीर घाटी के सोपोर में हुए आतंकी हमले में सुरक्षाबलों ने जान पर खेलकर मासूम बच्चे को बचाया। हालांकि उसके नाना की मौत हो गई, जबकि एक जवान भी शहीद हो गया। साथ ही तीन अन्य जवान भी घायल हो गए। जिनका उपचार चल रहा है। मस्जिद की ऊपरी मंजिल से आतंकी अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे, और मासूम बच्चा अपने नाना के शव पर बैठा था। उसे पता ही नहीं था कि उसके नाना की मौत हो गई है। इसी दौरान जवानों की नजर उस मासूम पर पड़ी।
Sopore Terror Attack: मासूम को बचाने वाले जवान की जुबानी, अंधाधुंध फायरिंग के बीच बच्चे को बचाना थी बड़ी चुनौती
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मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले एसएचओ सोपोर आजीम खान ने बताया कि सुबह के करीब आठ बजे थे। हर दिन की तरह श्रीनगर-कुपवाड़ा राजमार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही अधिक थी। इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। इसके बाद घटनास्थल पर दिल दहला देने वाला मंजर था। हमारे कुछ सीआरपीएफ के जवान खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। साथ ही एक नागरिक भी था जो गंभीर रूप से घायल था।
खान के अनुसार घटना स्थल पर करीब तीन साल का बच्चा उस नागरिक के इर्द-गिर्द घूम रहा था। उधर, आतंकी मस्जिद की ऊपर वाली मंज़िल से फायरिंग कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमने वहां मौजूद सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस की बुलेटप्रूफ गाडियां लगाकर वो क्षेत्र ब्लॉक किया। इसके बाद बच्चे को वहां से निकाला। इस दौरान पता चला कि आतंकी हमले में मारा गया नागरिक उस बच्चे का नाना था। इसके बाद सुरक्षाबलों की टीम ने बच्चे को सकुशल उसके घर पहुंचाया।
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