श्रीनगर में सीआरपीएफ के लेथपोरा कैंप स्थित स्मारक पर पिछले साल पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले चालीस जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। महाराष्ट्र के उमेश गोपीनाथ जाधव पुष्पांजलि समारोह के विशिष्ट अतिथि हैं। हमले में शहीद होने वाले चालीस जवानों के परिवारों से मिलने के लिए उन्होंने 61000 किलोमीटर लंबी यात्रा की। साथ ही उन्होंने सभी शहीद जवानों के घरों, श्मशान घाटों और बनाए गए स्मारकों के पास से मिट्टी को एकत्र किया और यहां लेकर आए।
पुलवामा: 61000 किलोमीटर की यात्रा कर, 40 जवानों के घरों की मिट्टी को लगाया माथे पर
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पुलवामा में आतंकी हमले की पहली बरसी पर शहादत देने वाले 40 सीआरपीएफ जवानों की याद में स्मारक स्थल का लेथपोरा शिविर में उद्घाटन किया गया। स्मारक उस जगह से सटे सीआरपीएफ कैंप के अंदर स्थापित किया गया है, जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अदील अहमद डार ने विस्फोटक से भरी कार सुरक्षाबलों के काफिले से टकराकर खुद को उड़ा लिया था।
सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा करने के बाद कहा कि यह बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक तरीका है। स्मारक पर उन सभी 40 जवानों की तस्वीरों के साथ उनके नाम और सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ भी अंकित होगा।
एडीजी ने कहा कि निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और हमने इससे काफी सबक लिए हैं। हम पहले भी मूवमेंट के दौरान सतर्क रहते थे परंतु अब और सतर्कता बरत रहे हैं। इन 40 जवानों के बलिदान ने देश के दुश्मनों को खत्म करने के हमारे संकल्प को और मजबूत किया है। अब हम आतंकियों के खिलाफ हम अतिरिक्त उत्साह के साथ कार्रवाई करते हैं। यही कारण है कि हमने हादसे के बाद जैश के बड़े कमांडरों को मार गिराया है।