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10 किलोमीटर पैदल चलकर जाते थे स्कूल, इन सवालों का जवाब देकर किया यूपीएससी क्लियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 07 Apr 2019 01:27 PM IST
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यूपीएससी क्वालीफाई करने वाले बाबर
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की माहौर तहसील में एक छोटे से गांव सद्दर के रहने वाले बाबर अली ने यूपीएससी की परीक्षा में 364वीं रैंक हासिल की है। कभी बाबर को स्कूल के लिए 10 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता था। आज वह अपनी मेहनत के बूते आईएएस निकाल चुके हैं। मरहूम वालिद गुलाम कादिर साहब का ख्वाब पूरा होने पर वह बेहद खुश हैं। बाबर अपनी कामयाबी का श्रेय अपने बड़े भाई मोहम्मद इकबाल को खास तौर पर देते हैं, जो इस वक्त जम्मू-कश्मीर पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और जम्मू में तैनात हैं। मोहम्मद दरअसल, खुद सिविल सर्विसेज में जाना चाहते थे, लेकिन वह खुद नहीं कर सके तो उन्होंने बाबर को प्रेरित किया।
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यूपीएससी क्वालीफाई करने वाले बाबर
- फोटो : अमर उजाला
‘अमर उजाला’ से बातचीत में बाबर ने कहा कि वह अपने गांव समेत ऐसे तमाम गांवों की सूरत बदलना चाहते हैं, जो आज तक भी बदहाली के शिकार हैं। जहां तक बिजली और सड़क तक नहीं पहुंची है। बाबर बताते हैं कि खुद उनके गांव में दो साल पहले ही बिजली पहुंची है। पिता के वन विभाग में कार्यरत होने की वजह से उन्हें ज्यादा दिन गांव में नहीं रहना पड़ा। इस वक्त परिवार में उनकी मां गुलाम फातिमा, उनके समेत पांच भाई और एक बहन हैं। सभी को बाबर की कामयाबी पर नाज है।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
एएमयू से किया बीए, जामिया से कोचिंग
बाबर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से पालिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस में बीए आनर्स किया है। इससे पहले उनका चयन एक अन्य सेवा के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने आईएएस बनने के सपने के लिए तैयारी जारी रखी। परीक्षा में उनका मुख्य विषय भी पालिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस ही था। जवाहर नवोदय विद्यालय, उधमपुर से उन्होंने पांचवीं के आगे की पढ़ाई की। जामिया मिलिया इस्लामिया से उन्होंने कोचिंग भी की।
बाबर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से पालिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस में बीए आनर्स किया है। इससे पहले उनका चयन एक अन्य सेवा के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने आईएएस बनने के सपने के लिए तैयारी जारी रखी। परीक्षा में उनका मुख्य विषय भी पालिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस ही था। जवाहर नवोदय विद्यालय, उधमपुर से उन्होंने पांचवीं के आगे की पढ़ाई की। जामिया मिलिया इस्लामिया से उन्होंने कोचिंग भी की।
विराट कोहली
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
क्रिकेट और फिल्मों के शौकीन हैं बाबर
यूं तो तैयारी से वक्त कम मिलता है, इसके बावजूद बाबर क्रिकेट खेलने और फिल्में देखने के शौकीन हैं। विराट कोहली उनके फेवरेट क्रिकेटर हैं और शाहरुख खान पसंदीदा एक्टर।
यूं तो तैयारी से वक्त कम मिलता है, इसके बावजूद बाबर क्रिकेट खेलने और फिल्में देखने के शौकीन हैं। विराट कोहली उनके फेवरेट क्रिकेटर हैं और शाहरुख खान पसंदीदा एक्टर।
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इंटरव्यू में कामयाब होने के लिए यूं करें तैयारी
बाबर का कहना है कि इंटरव्यू में ज्यादा प्रश्न विषय से जुड़े हुए ही पूछे जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि अभ्यर्थी ने विषय को पूरी तरह पढ़ा हो। इसके अलावा आवेदन पत्र में आपने बारे में जो जानकारी भरी है, उसी पर आधारित प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं। कुछ प्रश्न बाहर से भी आते हैं, लेकिन अगर आपको उसका जवाब नहीं आता है तो इंटरव्यू लेने वाले से स्पष्ट कह दें। उसे घुमाने की कोशिश न करें। पढ़ाई कितने घंटे करते हैं, यह अहम नहीं है, बल्कि आप जितना पढ़ें, उतना ठीक से पढ़ें। कोचिंग जरूरी नहीं, लेकिन इससे पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। सबसे बड़ी बात अपने लिए गाइड लाइन तैयार करें कि आप करना क्या चाहते हैं?
बाबर का कहना है कि इंटरव्यू में ज्यादा प्रश्न विषय से जुड़े हुए ही पूछे जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि अभ्यर्थी ने विषय को पूरी तरह पढ़ा हो। इसके अलावा आवेदन पत्र में आपने बारे में जो जानकारी भरी है, उसी पर आधारित प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं। कुछ प्रश्न बाहर से भी आते हैं, लेकिन अगर आपको उसका जवाब नहीं आता है तो इंटरव्यू लेने वाले से स्पष्ट कह दें। उसे घुमाने की कोशिश न करें। पढ़ाई कितने घंटे करते हैं, यह अहम नहीं है, बल्कि आप जितना पढ़ें, उतना ठीक से पढ़ें। कोचिंग जरूरी नहीं, लेकिन इससे पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। सबसे बड़ी बात अपने लिए गाइड लाइन तैयार करें कि आप करना क्या चाहते हैं?