जम्मू-कश्मीर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच कोविड वैक्सीन की कमी का संकट बरकरार है। लोगों को वैक्सीन केंद्रों से बिना डोज लिए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। 45 से अधिक आयु वर्ग में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को मोबाइल पर दूसरी डोज लेने के लिए मैसेज मिल रहे हैं, लेकिन पर्याप्त वैक्सीन न होने के कारण उन्हें निराशा मिल रही है।
मैसेज मिल रहे हैं पर वैक्सीन नहीं: जम्मू-कश्मीर में संकट बरकरार, चिकित्सा केंद्रों से मायूस होकर लौट रहे लोग
जम्मू-कश्मीर में 45 से अधिक आयु वर्ग में 299770 लोगों को टीकाकरण के साथ 99.17 टीकाकरण लक्ष्य को हासिल करने का दावा किया गया है। इसमें अनुमानित आबादी 2994659 ली गई है। इस वर्ग में जिला सांबा, पुंछ, राजोरी, जम्मू, गांदरबल, बांदीपोरा, बारामुला, बड़गाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में 100 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो चुका है।
जम्मू कश्मीर में गत मार्च के शुरू में 60 से अधिक आयु वर्ग और अप्रैल से 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। इसी तरह 18 से 44 आयु वर्ग में अनुमानित आबादी 6079571 पर अब तक 1514777 लोगों को टीकाकरण के साथ 25 फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल किया गया है।
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को 179 नए कोविड संक्रमित मामले मिले। पिछले चौबीस घंटे में जीएमसी डोडा में एक कोविड संक्रमित मरीज की मौत हुई है। जिला सांबा और शोपियां में कोई नया संक्रमित मामला नहीं मिला। जिला जम्मू में 13 संक्रमित मामले मिले। उधमपुर में 1, कठुआ में 1, किश्तवाड़ में 9, पुंछ में 6, रामबन में 6, रियासी में 1, कुलगाम में 7, गांदरबल में 5, बांदीपोरा में 5, अनंतनाग में 2, कुपवाड़ा में 8, बारामुला में 6 संक्रमित मामले मिले हैं। वर्तमान में जम्मू कश्मीर में 2017 सक्रिय मामले हैं। 277 संक्रमित मरीज ठीक भी हुए हैं। अब तक प्रदेश में 33 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है।