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Eye Care: आंखों की सुरक्षा के लिए कीजिए सही सनग्लासेस का चुनाव, इस तरह का चश्मा आएगा काम

Sat, 10 Sep 2022 04:07 PM IST
स्वाति शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शर्मा Updated Sat, 10 Sep 2022 04:07 PM IST
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Eye Care: Choose right sunglasses to protect your eyes
सही धूप के चश्मों को ही चुनें - फोटो : bose

प्रकृति के रंग हों या मौसम का बदलना, इन चीजों को पहले हमारी आँखें देखती हैं फिर हम महसूस करते हैं। आँखें शरीर का बहुत ही सुकोमल हिस्सा है। इसलिए इनकी देखभाल के प्रति भी उतना ही सजग रहना जरूरी है। अक्सर हम तब तक आँखों की सेहत को लेकर लापरवाह रहते हैं जब तक कि आँखों में कोई दिक्कत न आ जाये या चश्मे का नंबर बहुत न बढ़ जाए। बीते 2-3 सालों में तो आँखों ने और भी ज्यादा काम किया है और अब भी अधिकांश लोग लैपटॉप, मोबाइल आदि के जरिये वर्चुअल दुनिया से ज्यादा जुड़े हैं। 



आँखों की सुरक्षा के लिए खान-पान, एक्सरसाइज आदि के साथ सही सनग्लासेस का होना भी बहुत जरूरी होता है। हम सनग्लासेस या धूप के चश्मों को अक्सर प्रोटेक्शन से अधिक फैशन और लुक्स के लिए इस्तेमाल में लाते हैं। इस बात से अनजान कि गलत सनग्लासेस का उपयोग आँखों की सेहत को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सनग्लासेस चुनते से केवल ऊपरी दिखावे की बजाय सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। ताकि आपकी आँखें नुकसान से बची रहें। 

Eye Care: Choose right sunglasses to protect your eyes
कई तरह के दबाव झेलती हैं आखें - फोटो : pixa

नुकसान को कम करने का कीजिए प्रयास 

पिछले 2 सालों से घर पर रहकर काम करने, स्कूल-कॉलेज अटैंड करने वालों को चश्मे भी लगे और जिनको पहले से चश्मे लगे हुए थे, उनके नंबर भी बढ़े। ये हुई घर या दफ्तर के भीतर आँखों को पहुंचने वाले नुकसान की स्थिति लेकिन अब लॉकडाउन खुलने के बाद जब लोग लम्बे समय बाद घरों से बाहर निकले तो पहले से थकी आँखों पर धूप, धूल, गंदगी के महीन कण आदि चीजों ने भी हमला किया। इन सबका असर आँखों की सेहत पर पड़ा। इसलिए अब आँखों का ख्याल रखना और भी जरूरी हो गया है। कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन्स, टैबलेट्स जैसे गैजेट्स आज की जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा हो गए हैं। इनके उपयोग को लेकर नियम बनाये जा सकते हैं लेकिन इनका उपयोग बंद नहीं किया जा सकता। इनका उपयोग करते हुए आँखों की एक्सरसाइज, सही जीवनशैली, सही और संतुलित खान-पान आदि को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। वहीं घर से बाहर निकलते समय सही सनग्लासेस का उपयोग भी उतना ही जरूरी है। इस तरह घर और बाहर दोनों जगह आप आँखों को सुरक्षा दे सकते हैं। 

Eye Care: Choose right sunglasses to protect your eyes
धूप में हो सकती है आँखों को तकलीफ

धूप से होने वाली परेशानियां 

सनग्लासेस या गॉगल्स का प्रयोग खासतौर पर तेज धूप या सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए किया जाता है। सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणें केवल त्वचा को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, इससे आँखों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। शोध बताते हैं कि ज्यादा लम्बे समय तक सूरज की तेज रौशनी के आँखों पर पड़ने से कई तरह के नेत्र रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसमें कॉर्नियल डैमेज (कॉर्निया की क्षति), मोतियाबिंद व मैक्युलर डिजेनरेशन (रेटिना संबंधी समस्या) आदि शामिल है। इसके कारण देखने की क्षमता घट सकती है और कई मामलों में आँखों की रौशनी पूरी तरह जा भी सकती है। विशेषज्ञ यह मानते हैं कि आँखों के आलावा आँखों के आस पास की त्वचा पर भी सूरज की इन हानिकारक किरणों से बहुत क्षति पहुंच सकती है। पलकों और उसके आस पास की त्वचा बहुत कोमल होती है जो तेज किरणों से जल्दी क्षतिग्रस्त हो सकती है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस का पेयर आँखों को सम्पूर्ण सुरक्षा दे सकता है। 

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Eye Care: Choose right sunglasses to protect your eyes
यूवी किरणों से सुरक्षा है जरूरी - फोटो : Pixabay

कैसे सनग्लासेस होंगे सही?

यह एक असमंजस में डालने वाला सवाल है लेकिन इतना कठिन भी नहीं कि इसका उत्तर न दिया जा सके। सनग्लासेस का चुनाव करते समय अगर आप डिजाइन, रंग, ब्रांड आदि को प्राथमिकता देते हैं तो अब से कुछ और पहलुओं को भी इसमें जोड़ें, जैसे-

यूवी किरणों से बचाने वाला

बाजार में मिलने वाले सारे सनग्लासेस में यह सुविधा नहीं होती। इसलिए अगर आप आँखों की सुरक्षा की दृष्टि से ग्लासेस खरीद रहे हैं तो यह सुनिश्चित करें कि वे यूवी प्रोटेक्शन (अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षा) देने वाले हों। ऐसे चश्मे जो हर प्रकार की किरणों जैसे यूवीए (सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली), यूवीबी (सनबर्न या तेज चमक से आँखों पर बुरा असर डालने वाली) और यूवीसी (ओजोन की परत से भी छनकर हम तक पहुंचने वाली) से सुरक्षा दें। अधिकांश बड़े और स्थापित ब्रांड्स इस तरह के चश्मे बनाते हैं और बार बार 100-200 रूपये के चश्मे खरीदने से बेहतर होता है एक बार इन चश्मों में इन्वेस्ट करना। खासकर यदि आप पहले से आँखों संबंधी किसी दिक्कत का सामना कर रहे हैं तो। 

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Eye Care: Choose right sunglasses to protect your eyes
आँखों को करें अच्छे से कवर - फोटो : Pixabay

सही लेंस, सही फिट

केवल चेहरे पर अच्छा लगे या किसी सेलिब्रिटी ने पहना हो ऐसा चश्मा लेने से बचें। आपके चेहरे की बनावट के हिसाब से जो ग्लासेस आपकी आँखों को पूरी तरह कवर करें वही बेहतर होते हैं। इसका यह मतलब भी नहीं कि हमेशा ओवरसाइज्ड ग्लासेस ही सही होते हैं। आप सामान्य आकार के चश्मे भी चुन सकते हैं। ध्यान बस यह रखना है कि इनसे आँखें पूरी कवर होती हों, न तो यह कसे हुए हों न ही बहुत ढीले, इनमें कोई चुभने वाली सतह न हो और आप इन्हें आसानी से लम्बे समय तक बिना किसी परेशानी से पहन सकें। यदि आप नंबर के साथ धूप के चश्मे चुन रहे हैं तो यह भी ध्यान रखें कि चश्मा लगाने के बाद आपको चक्कर आने या सिरदर्द जैसी दिक्कत न हो, ऐसा चश्मा चुनें जो इससे बचाव करे। चश्मे के लैंस पोलराइज्ड हों और एंटी ग्लेयर कोटिंग वाले हों तो बहुत ही अच्छा। ये माइग्रेन जैसी समस्याओं में उन जगहों पर भी मददगार होंगे जहाँ रौशनी बहुत तेज होती है। जैसे ज्वेलरी शॉप या कोई सेलिब्रेशन। इसे आप इनडोर में भी उपयोग में ला सकते हैं। 

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