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Covid-19 Test: बिना जीनोम सिक्वेंसिंग के भी जान सकेंगे, किस वैरिएंट से संक्रमित हैं आप? इसे ओमिक्रॉन भी नहीं दे पाएगा चकमा

Thu, 07 Jul 2022 02:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 07 Jul 2022 02:10 PM IST
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all covid variants latest test, PCR-Based Screening Tests for SARS-CoV-2 Mutations
कोरोना संक्रमण की जांच कैसे करें? - फोटो : iStock

देशभर में पिछले एक महीने से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। एक हफ्ते से दैनिक मामले 17 हजार के आसपास बने हुए हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना से 18,930 लोगों को संक्रमित पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही संक्रमण के मामले लगातार स्थिर बने हुए हैं और केस में ज्यादा उछाल नहीं दर्ज किया जा रहा है लेकिन दैनिक रूप से 17 हजार के करीब मामले भी काफी चिंता बढ़ाने वाले हैं।



दैनिक मामलों के साथ देश में एक्टिव केस भी बढ़ते जा रहे हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले दिनों में चुनौती साबित हो सकते हैं। भारत में फिलहाल कोरोना के सक्रिय मामले 1.13 लाख के करीब हैं।

देश में फिलहाल ओमिक्रॉन और इसके अति संक्रामक सब-वैरिएंट्स के कारण केस बढ़ रहे हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि इन वैरिएंट्स के स्पाइक प्रोटीन में ऐसे म्यूटेशन देखे गए हैं जो न सिर्फ कोरोना की जांच को चकमा दे सकते हैं, साथ ही ये शरीर में बनी प्रतिरक्षा को भी पार करके लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ताओं की टीम ने एक ऐसा टेस्टिंग किट विकसित किया है जो आसानी से इस बात का पता लगा सकता है कि आप किस वैरिएंट से संक्रमित हैं? वैरिएंट्स की पहचान के लिए हर बार जीनोम सिक्वेंसिंग की भी आवश्यकता नहीं होगी। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।

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नए कोरोना वैरिएंट्स का भी लग सकेगा पता - फोटो : Pixabay

सार्स-सीओवी-2 के भी सब-वैरिएंट्स का लग सकेगा पता

अमेरिका स्थित टेक्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने कोरोना संक्रमण का तेजी से पता लगाने के लिए यह टेस्टिंग किट विकसित किया है। एक घंटे से भी कम समय में संक्रमण का पता लगाने के अलावा इस किट की खासियत यह है कि यह सार्स-सीओवी-2 वायरस के विभिन्न वैरिएंट्स का भी आसानी से पता लगाने में कारगर है। 4,000 से अधिक रोगियों के सैंपल टेस्टिंग में इसे काफी असरदार पाया गया है। यह ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की भी आसानी से पहचान करने में सहायक है।

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ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट्स का भी लग सकेगा पता - फोटो : Pixabay

ओमिक्रॉन वेरिएंट्स का भी आसानी से लग सकेगा पता

क्लिनिकल केमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कोबारस्कैन नामक की इस टेस्टिंग किट के काफी प्रभावी परिणाम देखे गए हैं। शोधकर्ताओं ने इस किट के अध्ययन में पाया कि इससे कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट्स जैसे डेल्टा, म्यू, लैम्ब्डा और ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट की बड़ी आसानी से पहचान की जा सकती है। विशेषज्ञों ने अध्ययन में बताया कि पारंपरिक जांच माध्यमों में देखा गया कि ओमिक्रॉन के कुछ वैरिएंट्स टेस्ट को चकमा दे रहे थे, ऐसे में हमने इसमें उस तकनीकी पर विशेष ध्यान दिया है जिससे यह नए वैरिएंट्स की भी आसानी से पहचान कर सके। इसे पिछले साल आठ हॉटस्पॉट पर प्रयोग में लाया गया जहां से इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।

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कोरोना जांच के लिए प्रभावी तरीका - फोटो : PTI

क्या कहते हैं शोधकर्ता?

टेस्ट किट विकसित करने वाले शोधकर्ताओं ने बताया कि इसके परीक्षण का परिणाम भी उतना ही सटीक है, जितना कोविड के निदान के लिए अब तक प्रयोग में लाए जा रहे टेस्ट से प्राप्त होता रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न के शोधकर्ता जेफरी सोरेल कहते हैं, इस परीक्षण का उपयोग करके हम बहुत जल्दी यह निर्धारित कर सकते हैं कि व्यक्ति कोरोना वायरस के किस वैरिएंटस से संक्रमित है? यह टेस्टिंग किट यह भी बता सकता है कि क्या कोई नया वैरिएंट तो सामने नहीं आ रहा है? अब तक इसके परिणाम काफी आशाजनक रहे हैं।

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कोर्वास्कैन के परिणाम भी प्रभावी - फोटो : pixabay

जीनोम सीक्वेंसिंग की ही तरह अच्छे परिणाम का दावा 

शोधकर्ताओं ने बताया कि होल जीनोम सीक्वेंसिंग की तुलना में कोबारस्कैन 96 प्रतिशत संवेदनशीलता के साथ संक्रमण की जांच करने और वैरिएंट्स का पता लगाने में मदद कर सकती है। जिस तरह से कोरोना के नए नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं ऐसे में कोबारस्कैन काफी मददगार हो सकती है।

भविष्य में अगर हमें इसे समायोजित करने की आवश्यकता होती है, तो हम आसानी से परीक्षण में 20 या 30 अतिरिक्त हॉटस्पॉट जोड़ सकते हैं। फिलहाल यह वैश्विक स्तर पर कब उपलब्ध होगा, इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है।


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स्रोत और संदर्भ

PCR-Based Screening Tests for SARS-CoV-2 Mutations: What Is the Best Way to Identify Variants?

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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