Aruna Irani Breast Cancer: मशहूर अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने अपने अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में खूब नाम कमाया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया है कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर था, ये एक नहीं बल्कि दो-दो बार हो चुका है। 79 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया कि दोनों बार लोगों की नजरों से दूर, चुपचाप उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ने का विकल्प चुना।
Aruna Irani: दो बार स्तन कैंसर का शिकार हुई हैं अभिनेत्री अरुणा ईरानी, क्यों फिर से लौट आता है कैंसर? जानिए
- हाल ही में एक इंटरव्यू में मशहूर अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने खुलासा किया है कि उन्हें एक नहीं बल्कि दो-दो बार ब्रेस्ट कैंसर हो चुका है।
- इस खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में एक सवाल बना हुआ है कि ब्रेस्ट कैंसर बार-बार क्यों होता है?
दोबारा हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
इस खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में एक सवाल बना हुआ है कि ब्रेस्ट कैंसर क्या बार-बार होता है?
जवाब है-हां ब्रेस्ट कैंसर के मामले दोबारा से हो सकते हैं। इसे रिकरंट ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। प्रारंभिक उपचार के बाद भी कई लोगों में फिर से कैंसर उभर जाता है।
वैसे तो पहली बार कैंसर का पता चलने के बाद प्रारंभिक उपचार का उद्देश्य सभी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना होता है, लेकिन कई मामलों में कैंसर कोशिकाएं उपचार से बच जाती हैं और फिर से कैंसर को बढ़ावा दे सकती हैं। प्रारंभिक उपचार के कुछ महीनों या वर्षों बाद फिर से कैंसर हो सकता है।
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किन लोगों को दोबारा कैंसर का खतरा अधिक होता है?
डॉक्टर बताते हैं, दोबारा कैंसर, पहले वाले हिस्से में फिर से हो सकता है। दोबारा कैंसर की स्थिति में आपको पहले की ही तरह से स्तन में एक नई गांठ या कठोरता का अनुभव हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यही कारण है कि कैंसर के उपचार के बाद भी रोगी को बार-बार डॉक्टर से मिलते रहने, जांच कराने और लक्षणों पर ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है।
इलाज के बाद भी अगर आपके स्तन की त्वचा में परिवर्तन, सूजन या लालिमा या फिर निप्पल से स्राव हो रहा हो तो इसकी जांच जरूर कराएं। कुछ स्थितियों में दोबारा से स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है।
- अगर कैंसर आस-पास के लिम्फ नोड्स में फैल चुका है तो कैंसर के वापस आने का जोखिम बढ़ जाता है।
- ट्यूमर का बड़ा आकार अगर बड़ा है तो ऐसे लोगों में बार-बार स्तन कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है।
भारतीय महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर के मामले
हाल ही में एक अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने भारतीय महिलाओं में बढ़ते इस गंभीर कैंसर के जोखिमों को लेकर अलर्ट किया था।टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई और वाराणसी के शोधकर्ताओं ने बताया कि भारत में महिलाएं कैंसर का जांच ही नहीं करा रही हैं, जिसके कारण बीमारी पकड़ में नहीं आती है।
देश में 45 साल से ज्यादा उम्र की केवल 1% महिलाएं ही ब्रेस्ट कैंसर जांच (मैमोग्राफी) कराती हैं, जोकि बहुत चिंताजनक है।
सभी महिलाएं खुद से करती रहें जांच
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रारंभिक स्तर पर स्तन कैंसर की पहचान और उपचार से इसके पूर्ण रूप से ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। भले ही आप स्वस्थ हैं फिर भी स्तन की निरंतर जांच जरूर करते रहें।
- 20 से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को नियमित रूप से अपने स्तनों की खुद से जांच करते रहना चाहिए।
- अगर आपके स्तन के आकार में कोई बदलाव नजर आता है या फिर छूने पर किसी तरह की गांठ महसूस होती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।
- अधिकांश महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले में शुरुआत में इन दोनों लक्षणों का अनुभव होता है।
- स्तनों में दर्द रहना या निप्पल से किसी प्रकार का डिस्चार्ज होते रहना भी अलार्मिंग है, जिसको लेकर सभी लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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