{"_id":"69f2da6d82946750d80179c3","slug":"women-health-tips-effects-of-heatwaves-on-women-periods-2026-04-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Women Health Tips: क्या हीटवेव की वजह से प्रभावित होते हैं पीरियड्स? यहां जानें क्या है सच्चाई","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Women Health Tips: क्या हीटवेव की वजह से प्रभावित होते हैं पीरियड्स? यहां जानें क्या है सच्चाई
Thu, 30 Apr 2026 11:43 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:43 AM IST
सार
Women Health Tips: अक्सर ऐसा देखा जाता है कि तेज गर्मी लोगों के शरीर पर काफी असर डालती है। पर, क्या आपने कभी ये जानना चाहा है कि गर्मी के मौसम में चलने वाली हीटवेव का महिलाओं के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है। यहां हम इसी बारे में जानेंगे।
विज्ञापन
महिला स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है हीट वेव का असर?
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Women Health Tips: गर्मी का मौसम हर किसी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इसका असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर खास तौर पर ज्यादा देखा जाता है। दरअसल, लगातार बढ़ता तापमान, लू और हीटवेव जैसी परिस्थितियां महिलाओं के शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव पैदा कर सकती हैं। खासकर हार्मोनल बैलेंस पर इसका सीधा असर पड़ता है, जिससे मासिक धर्म यानी पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
महिला स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है हीट वेव का असर?
- फोटो : Adobe
पानी की कमी का दिखता है असर
गर्मी के मौसम में चलने वाली हीटवेव का सबसे बड़ा असर शरीर के तापमान नियंत्रण पर पड़ता है। जब शरीर लंबे समय तक तेज गर्मी के संपर्क में रहता है, तो उसे सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है। यही डिहाइड्रेशन हार्मोनल असंतुलन को जन्म दे सकता है, जो पीरियड्स को प्रभावित करता है।
गर्मी के मौसम में चलने वाली हीटवेव का सबसे बड़ा असर शरीर के तापमान नियंत्रण पर पड़ता है। जब शरीर लंबे समय तक तेज गर्मी के संपर्क में रहता है, तो उसे सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है। यही डिहाइड्रेशन हार्मोनल असंतुलन को जन्म दे सकता है, जो पीरियड्स को प्रभावित करता है।
महिला स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है हीट वेव का असर?
- फोटो : Freepik.com
हीटवेव का असर दिमाग के हाइपोथैलेमस पर भी पड़ता है, जो शरीर के तापमान और हार्मोन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। जब यह प्रभावित होता है, तो पीरियड साइकिल अनियमित हो सकती है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स देर से आते हैं, तो कुछ को जल्दी या ज्यादा फ्लो की समस्या हो सकती है। इसके अलावा मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है हीट वेव का असर?
- फोटो : Freepik.com
तेज गर्मी के कारण शरीर में शारीरिक तनाव भी बढ़ता है। यह तनाव कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ा देता है, जिससे प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन का संतुलन बिगड़ सकता है। इसका सीधा असर मासिक धर्म पर पड़ता है और पीरियड्स के दौरान दर्द या असहजता बढ़ सकती है। कई बार महिलाओं को थकान और कमजोरी भी ज्यादा महसूस होती है।
विज्ञापन
महिला स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है हीट वेव का असर?
- फोटो : Freepik.com
गर्मी में नींद की कमी और भूख में बदलाव भी आम समस्या है, जो हार्मोनल हेल्थ को और बिगाड़ सकती है। सही नींद न मिलने और शरीर को जरूरी पोषण न मिलने से पीरियड्स की नियमितता प्रभावित होती है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो सकता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।