अक्सर जब लोग वजन घटाने की यात्रा शुरू करते हैं, तो उनका लक्ष्य सीधा 15-20 किलो कम करने का होता है, और परिणाम जल्दी न मिलने पर वे हताश होकर प्रयास छोड़ देते हैं। मगर चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, स्वास्थ्य में बड़े सुधार के लिए आपको बहुत अधिक वजन घटाने की जरूरत नहीं है; आपके कुल वजन का केवल 5 प्रतिशत या महज 3 से 4 किलो वजन कम करना भी शरीर के लिए जादुई साबित हो सकता है। वजन में यह छोटी सी गिरावट आपके अंगों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम कर देती है।
Health Tips: सिर्फ 3-4 किलो भी वजन घटा लें, शरीर में दिखने लगते हैं कई सकारात्मक बदलाव
Small Weight Loss Health Changes: वजन कम करने के लिए लंबा टारगेट रखने के बजाय अगर आप छोटे टारगेट रखते हैं (3-4 किलो वजन कम करना) तो आप आसानी से अपने वेट लॉस के गोल को पूरा कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि जब 2-3 किलो ही वजन कम होना शुरु होता है तभी से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव होने लगते हैं।
हृदय स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर में सुधार
सिर्फ 3-4 किलो वजन कम करने का सबसे सीधा असर आपके रक्तचाप पर पड़ता है। अतिरिक्त वजन के कारण हृदय को शरीर के कोने-कोने तक रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धमनियों पर दबाव बढ़ता है। वजन कम होते ही रक्त का प्रवाह सुगम हो जाता है और 'सिस्टोलिक' व 'डायस्टोलिक' बीपी में गिरावट आती है। इसके साथ ही, खून में ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल कम होता है और 'गुड कोलेस्ट्रॉल' बढ़ता है, जो आपके हार्ट को लंबी उम्र हेल्दी रखता है।
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इंसुलिन संवेदनशीलता और शुगर नियंत्रण
वजन में मामूली कमी आपके शरीर की इंसुलिन का उपयोग करने की क्षमता को काफी बढ़ा देती है। शरीर की कोशिकाओं में जमा अतिरिक्त फैट, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, इंसुलिन के मार्ग में बाधा उत्पन्न करती है। जब आप 3-4 किलो वजन घटाते हैं, तो मांसपेशियों की कोशिकाएं खून से ग्लूकोज को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाती हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है और आप प्री-डायबिटीज की स्थिति से सामान्य स्थिति में वापस आ सकते हैं, जिससे भविष्य में दवाओं की जरूरत कम हो जाती है।
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जोड़ों के दर्द से राहत और बेहतर नींद
क्या आप जानते हैं कि जब आप 1 किलो वजन कम करते हैं, तो आपके घुटनों पर पड़ने वाला दबाव 4 किलो तक कम हो जाता है? इस प्रकार 3-4 किलो वजन घटाने से आपके घुटनों और कूल्हों पर से लगभग 12-16 किलो का बोझ कम हो जाता है। इससे अर्थराइटिस का दर्द कम होता है और चलने-फिरने में आसानी होती है। इसके अलावा, गर्दन के आसपास की चर्बी कम होने से सांस की नली साफ होती है, जिससे 'स्लीप एपनिया' (नींद में सांस रुकना) की समस्या दूर होती है और आप गहरी व शांतिपूर्ण नींद ले पाते हैं।
एनर्जी लेवल और आत्मविश्वास में वृद्धि
वजन कम करने का मतलब सिर्फ आईने में अच्छा दिखना नहीं, बल्कि अंदरूनी स्फूर्ति महसूस करना है। थोड़े से वजन कम होने से भी शरीर में 'एंडोर्फिन' और 'सेरोटोनिन' जैसे हैप्पी हार्मोन्स का लेवल बढ़ता है, जो तनाव को कम कर आपके मूड को बेहतर बनाते हैं। आप दिन भर कम थकान महसूस करते हैं और आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। अगर आप आज 3-4 किलो वजन कम करने का लक्ष्य रखते हैं, तो यह आपके दीर्घकालिक स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव साबित होगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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