Health Tips For Daily Wellness: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए ₹9.12 लाख करोड़ के इस बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने एक लंबी छलांग लगाते हुए ₹37,956 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
UP Budget 2026: मोबाइल हेल्थ वैन से लेकर कैंसर और डायबिटीज तक, जानें हेल्थ सेक्टर को क्या-क्या मिला बजट में
यूपी सरकार का 2026 का बजट पेश हो रहा है, इसके रोजगार से लेकर एआई के लिए भी बात की गई है। आइए इस लेख में जानते हैं कि हेल्थ सेक्टर को क्या कुछ मिला है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए 'गारन्टीड' सुरक्षा
प्रदेश के सभी जनपदों में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को 'गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी' सेवा प्रदान करना है, जिससे सरकारी अस्पतालों में इलाज का आर्थिक बोझ शून्य हो सके।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें आंगनबाडी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं, ताकि शुरुआती चरण में ही बीमारियों की पहचान कर उनका समय पर उपचार किया जा सके और एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखी जा सके।
श्रमिकों के लिए मोबाइल हेल्थ वैन और पोलियो मुक्त भविष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार निर्माण श्रमिकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। यह वैन निर्माण स्थलों पर जाकर श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करेगी।
वहीं, संक्रामक रोगों के खिलाफ जंग को तेज करते हुए सरकार ने पल्स पोलियो अभियान के तहत 3.28 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने का लक्ष्य हासिल किया है। जापानी इन्सेफिलाईटिस (JE) से बचाव के लिए प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम को निर्बाध रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि मासूमों को इस जानलेवा बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार
गरीब परिवारों को महंगे इलाज से बचाने के लिए आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवारों की संख्या अब 49.22 लाख तक पहुंच गई है। इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने ₹500 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह भारी-भरकम धनराशि सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश का कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। यह योजना निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान कर आम जनमानस के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है।
मानसिक स्वास्थ्य और एकीकृत डिजीज सर्विलांस पर जोर
बदलते दौर में मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को समझते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पहल जिला स्तर पर मानसिक विकारों से जूझ रहे लोगों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएगी।
साथ ही, तकनीक का सहारा लेते हुए 'एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल' को और अधिक सशक्त बनाया गया है। अब सरकारी और निजी दोनों चिकित्सा इकाइयां नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों और 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (जैसे कोविड-19) की रिपोर्टिंग इस पोर्टल पर कर रही हैं। इससे राज्य सरकार को किसी भी संभावित महामारी को फैलने से पहले ही रोकने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में काफी मदद मिल सकेगी।