संक्रामक बीमारियों का खतरा पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। कोरोना महामारी के मामले रहे हों या फिर निपाह, मंकीपॉक्स सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर डाला। हालिया रिपोर्ट में बर्ड फ्लू को लेकर फिर से अलर्ट किया जा रहा है। बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लुएंजा ऐसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों में फैलती है। लेकिन कई बार यह इंसानों तक भी पहुंच सकता है।
H5N1 Outbreak: अब इस शहर में बर्ड फ्लू का प्रकोप, जानिए ये कितना खतरनाक और किन्हें जोखिम ज्यादा
भारत में समय-समय पर कई राज्यों जैसे केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले सामने आते रहे हैं। हालिया आउटब्रेक बेंगलुरु से सामने आ रहा है जिसने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
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बेंगलुरु में बर्ड फ्लू आउटब्रेक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु में 14 अप्रैल को शहर के बाहरी इलाके के एक सरकारी पोल्ट्री प्रशिक्षण केंद्र में हालिया प्रकोप की पहचान की गई थी। यहां से बाद में सैंपल भोपाल भेजे गए जहां जांच में इसकी पुष्टि H5N1 स्ट्रेन के रूप में हुई। इसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
- पशु चिकित्सा टीमों ने प्रभावित केंद्र में मौजूद सभी पक्षियों को मार दिया ताकि बर्ड फ्लू के फैलने को खतरे को कम किया जा सके।
- अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र या उसके आसपास के इलाकों में इंसानों में संक्रमण का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
- सभी लोगों को बर्ड फ्लू के खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को सावधान किया गया है।
नए स्ट्रेन बढ़ा रहे हैं चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में बर्ड फ्लू के दो स्ट्रेन H5N1 और H5N5 के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।
- हर बर्ड फ्लू का मामला इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होता, लेकिन लापरवाही स्थिति को गंभीर बना सकती है। संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क, अधपका चिकन या अंडा खाने और स्वच्छता की अनदेखी जोखिम बढ़ा सकती है।
- अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि बर्ड फ्लू के दुर्लभ स्ट्रेन (H5N5) के कारण इंसानों में पहली मौत दर्ज की गई थी।
इंसानों में क्या होते हैं इसके लक्षण
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों की बीमारी है, लेकिन कुछ मामलों में यह इंसानों को भी संक्रमित करता हुआ देखा गया है।
- स्वास्थ्य अधिकारी बताते हैं संक्रमण का जोखिम उन लोगों में अधिक होता है जो पोल्ट्री फार्म, चिकन मार्केट, पशुपालन या संक्रमित पक्षियों के संपर्क में रहते हैं।
- संक्रमित पक्षियों को छूना, उनकी सफाई करना संक्रमण का कारण बन सकता है।
- इंसानों में इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द जैसे दिखाई देते हैं।
- गंभीर मामलों में बर्ड फ्लू के कारण निमोनिया, फेफड़ों में संक्रमण और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर तक का खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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