आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियों का जिक्र मिलता है जो आपको गंभीर बीमारियों के खतरे से बचाने वाली हो सकती हैं। हमारे किचन में ही आयुर्वेद के कई वरदान मसालों को रूप में मौजूद होते हैं जिनका हम सभी नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं में से एक है काली मिर्च।
Health Tips: किचन के इन दो मसालों में छिपा है इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक का राज
काली मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा कम हो सकता है।
अच्छी सेहत का भंडार है काली मिर्च
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक काली मिर्च केवल एक मसाला नहीं है बल्कि ये एक तरह की असरदार घरेलू दवा है जिससे आप कई बीमारियों के खतरे को दूर कर सकते हैं।
- काली मिर्च पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे खाना आसानी से पचता है।
- इसमें मौजूद पाइपरीन गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या को कम कर सकता है।
- आयुर्वेद में इसे भूख बढ़ाने वाला और आंतों की सफाई करने वाला माना गया है।
- अध्ययनों के अनुसार पाइपरीन फैट सेल्स के बनने की प्रक्रिया को धीमा करता है, जो आपके वजन को कंट्रोल रखने में सहायक है।
सर्दी-खांसी हो या इम्युनिटी बढ़ाना सभी में इसके लाभ
काली मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। शहद के साथ इसका सेवन गले की खराश, खांसी और बंद नाक में राहत देता है। यह शरीर में जमा बलगम को बाहर निकालने में भी सहायक है।
इसी तरह काली मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। नियमित सेवन से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा कम हो सकता है।
कई बीमारियों की दवा है सफेद मिर्च
सफेद मिर्च या दखनी मिर्च में ऐसे कई तत्व पाए जाते हैं, जो बीमारियों से बचाव करने में मदद करते हैं। सफेद मिर्च में खुशबूदार तेल, एसेंशियल ऑयल और अल्कलॉइड के साथ-साथ पाइपरीन भी पाया जाता है, जो सूजन कम करने में लाभकारी है। इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो कोशिका के क्षति को रोकने में मदद करते हैं। इस मिर्च में एंटीट्यूमर गुण भी होते हैं, जो इसे एक कैंसर रोधी बनाते हैं।
आहार विशेषज्ञ प्रीता जैन कहती हैं, सफेद मिर्च का पाउडर बनाकर उसका सेवन शहद में मिलाकर करें या आप इसे दूध के साथ भी खा सकते हैं। एक दिन में दो चम्मच से अधिक सफेद मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए, वरना नुकसान पहुंच सकता है। सीमित मात्रा में इसके सेवन के कई सारे फायदे हैं।
- सफेद मिर्च में फ्लेवोनोइड्स पाया जाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है।
- इस मिर्च में विटामिन-ए भी होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।
- सफेद मिर्च का नियमित रूप से सेवन करने से आप आर्थराइटिस से बचे रह सकते हैं।
- सफेद मिर्च खाने से अपच, एसिडिटी और ब्लोटिंग में भी आराम मिलता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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