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UTI Precautions: क्या आपको भी अक्सर यूटीआई की समस्या रहती है, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Mon, 19 Jan 2026 01:52 PM IST
सार

Causes of Recurrent UTI: यूटीआई एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जिसे अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो वो आपको सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। अब जैसा की हम जानते हैं कि यूटीआई की समस्या महिलाओं में अधिक देखने को मिलती हैं, इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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UTI Precautions Health Tips: Important Care If You Frequently Suffer From Urinary Tract Infections
यूटीआई - फोटो : Amar Ujala

Home Remedies For UTI Prevention: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी यूटीआई एक ऐसी स्थिति है जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कहीं अधिक प्रभावित करती है। आंकड़ों के मुताबिक हर 10 में से 6 महिलाओं को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इस समस्या से जरूर गुजरती है। वहीं 10 में से एक पुरुष भी अपने जीवनकाल में इस समस्या से एक बार जरूर गुजरते हैं। यह संक्रमण तब होता है जब 'ई-कोलाई' जैसे हानिकारक बैक्टीरिया मूत्र मार्ग के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और मूत्राशय या गुर्दे तक पहुंच जाते हैं। 



जब यह बैक्टीरिया वहां पनपने लगते हैं, तो पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब आने का अहसास, पेट के निचले हिस्से में दर्द और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई लोग इसे एक सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या केवल पानी पीकर ठीक होने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर यूटीआई बार-बार हो रहा है, तो यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी या गलत पर्सनल हाइजीन का संकेत हो सकता है। 

समय पर इलाज न मिलने से यह संक्रमण किडनी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। अब जैसा की हमने आकड़ों में देखा है कि महिलाओं को ये समस्या अधिक परेशान करती है, इसलिए इस लेख में महिलाओं के सापेक्ष में यूटीआई होने के मुख्य कारण और बचाव के उपाय के बारे में जानते हैं।

  

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UTI Precautions Health Tips: Important Care If You Frequently Suffer From Urinary Tract Infections
यूटीआई - फोटो : Adobe Stock

हाइड्रेशन और स्वच्छता का अटूट संबंध
यूटीआई से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है 'पर्याप्त पानी पीना'। जब आप भरपूर पानी पीते हैं, तो आपका शरीर अधिक मूत्र बनाता है, जो मूत्र मार्ग में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा वॉशरूम का उपयोग करने के बाद सफाई के तरीके पर ध्यान दें, हमेशा 'आगे से पीछे' की ओर सफाई करें ताकि मलाशय के बैक्टीरिया मूत्र मार्ग तक न पहुंच सकें।


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यूटीआई - फोटो : Adobe stock photos

केमिकल उत्पादों और टाइट कपड़ों से परहेज
सुगंधित साबुनों, वेजाइनल स्प्रे या कठोर केमिकल वाले उत्पादों का उपयोग जननांगों के प्राकृतिक 'पीएच संतुलन' को बिगाड़ देता है। यह अच्छे बैक्टीरिया को मार देता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही बहुत टाइट जींस या सिंथेटिक अंडरवियर पहनने से उस क्षेत्र में नमी जमा हो जाती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। इसलिए हमेशा सूती कपड़ों का चुनाव करें।


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curd - फोटो : Adobe stock

क्रैनबेरी और प्रोबायोटिक्स का आहार में महत्व
कई शोधों से पता चला है कि क्रैनबेरी का रस या सप्लीमेंट्स यूटीआई को रोकने में सहायक हो सकते हैं क्योंकि इनमें 'प्रोएन्थोसाइनिडिन' होता है जो बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवार से चिपकने नहीं देता। इसके अलावा दही जैसे प्रोबायोटिक्स का सेवन शरीर में स्वस्थ बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाता है। संभोग के तुरंत बाद पेशाब करने की आदत भी बैक्टीरिया को बाहर निकालने में बहुत प्रभावी साबित होती है।

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यूटीआई - फोटो : Adobe Stock

कब लें चिकित्सकीय परामर्श?
अगर घरेलू उपायों के बावजूद संक्रमण 2-3 दिनों में ठीक नहीं होता है, तो इसे हल्के में न लें। अगर आपको पेशाब में खून दिखे, कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द हो या कंपकंपी के साथ बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आमतौर पर एंटीबायोटिक्स और यूरिन टेस्ट की सलाह देते हैं। ध्यान रखें अधूरा इलाज संक्रमण को दोबारा और अधिक खतरनाक रूप में वापस ला सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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