आमतौर पर सामान्य मानी जाने वाली सर्दी-खांसी की समस्या और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का संक्रमण अब नई तरह की चिंता बढ़ाते जा रहा है। पिछले साल यूएस-यूके सहित कई देशों में फ्लू के नए वैरिएंट्स का व्यापक असर देखा गया, लिहाजा न सिर्फ अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी साथ ही कई लोगों की जान भी गई।
Flu Infection: सामान्य माना जाने वाला फ्लू अब बन गया बड़ा खतरा, नए वैरिएंट से इन देशों में मचा हड़कंप
अमेरिका और कनाडा में फ्लू की बीमारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टेंशन बढ़ाता जा रहा है। मामलों में बढ़ोतरी के लिए विशेषज्ञ फ्लू के नए वैरिएंट को प्रमुख कारण मान रहे हैं। विशेषज्ञ सभी लोगों को वैक्सीनेशन कराने की सलाह दे रहे हैं।
सुपरफ्लू वैरिएंट बढ़ा रहा है टेंशन
जनवरी की शुरुआत में, न्यूयॉर्क में एक ही हफ्ते में फ्लू के मामलों ने हड़कंप मचा दी थी। फ्लू के मामलों में इस तेजी के लिए विशेषज्ञ "सुपरफ्लू" या सबक्लेड-के वैरिएंट को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर साल इन्फ्लूएंजा वायरस के जो सबवेरिएंट सबसे ज्यादा फैलते हैं, उनमें थोड़ा बदलाव देखा जाता रहा है।
- इस साल, सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट सबक्लेड-के (Subclade-K) है, जो इन्फ्लूएंजा ए3एन2 का एक सबटाइप है।
- सबक्लेड-के को पहली बार जुलाई 2025 में ऑस्ट्रेलिया में पाया गया था।
- इस सीजन में अब तक यह अमेरिका में 91.5% तक संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। कनाडा में भी मामलों में बढ़ोतरी के लिए यही जिम्मेदार है।
सबक्लेड-के वेरिएंट के कारण क्या दिक्कतें हो रही हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिस तेजी से फ्लू के मामले बढ़े हैं, उससे स्पष्ट होता है कि सबक्लेड-के एक बहुत ज्यादा संक्रामक वेरिएंट साबित हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में संक्रमितों में 104 या 105 डिग्री का तेज बुखार देखा जा रहा हैं, जबकि फ्लू में आमतौर पर हल्का बुखार होता है। यह अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों में इससे डिहाइड्रेशन सहित कई अन्य जोखिमों को खतरा हो सकता है।
वैक्सीन लगवाने की सलाह
फ्लू के बढ़ते संक्रमण और इसके जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण कराने की सलाह दे रहे हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की गाइडलाइंस के अनुसार फ्लू की वैक्सीन गंभीर बीमारी, हॉस्पिटल में भर्ती होने और मौत का खतरे कम कम करने में मददगार हो सकती है। जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका होता है उनमें संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं।
फ्लू के कारण जापान में घोषित करनी पड़ी था महामारी
फ्लू पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कितनी मुश्किलें बढ़ा चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जापान में फैले संक्रमण के कारण हालात इतनी तेजी से बिगड़े थे कि वहां पर इन्फ्लूएंजा महामारी तक घोषित करना पड़ गया था।
- सितंबर-अक्तूबर के महीने में जापान में फैले फ्लू के मामलों के चलते वहां स्थिति काफी बिगड़ गई थी। जापान में फ्लू के प्रकोप के चलते कई शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए थे। साथ ही तेजी से बिगड़ते हालात के बीच जापान के सरकार ने देशव्यापी इन्फ्लूएंजा महामारी घोषित कर दी थी।
- इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी हेमिस्फेयर के दूसरे देशों में भी सबक्लेड-के वैरिएंट गंभीर चिंता बढ़ाता हुआ देखा जा चुका है। ज्यादातर विशेषज्ञों ने माना था कि नए म्यटेशंस पर फ्लू के मौजूदा टीके इस वायरस पर ज्यादा असरदार नहीं थे।
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