चीन का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में तेजी से बढ़ती आबादी वाले देश का ख्याल आता है। चीन लंबे समय तक दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश रहा है। जनसंख्या को कंट्रोल करने के लिए यहां सरकार ने 'वन चाइल्ड' की नीति सख्ती से लागू की थी। इसका परिणाम ये रहा कि यहां धीरे-धीरे जन्म दर घटने लगी। लिहाजा देश में बुजुर्गों की संख्या बढ़ गई और बच्चों की संख्या कम होती गई।
China: इस गंभीर संकट से जूझ रहा है चीन, संकट में अर्थव्यवस्था? सामने आए आंकड़ों ने किया हैरान
चीन में जन्मदर लगातार घटती जा रही है। दशकों तक एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने से रोक वाली पॉलिसी का असर यहां स्पष्ट तौर पर देखा जा रहा है। जन्मदर घटने के कारण देश में काम करने वाली आबादी लगातार भी घट रही है जबकि बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है।
चीन में घटती जन्मदर, सरकार के लिए बढ़ा रही चिंता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन के जन्मदर में लगातार चौथे साल गिरावट दर्ज की गई है। ये आंकड़े देश के सामने आने वाले गंभीर डेमोग्राफिक दबाव को दिखाते हैं।
- साल 2025 में पैदा हुए बच्चों की संख्या सिर्फ 79.2 लाख थी, जो 16.2 लाख या 17% की गिरावट है।
- साल 2024 में थोड़ा सुधार तो हुआ था पर ये जारी न रह सका। इससे पहले 2017 से 2023 तक लगातार सात वर्षों तक जन्म दर में गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
एशिया के कई अन्य देशों की तरह, चीन को भी घटती प्रजनन दर का सामना करना पड़ा है। हालांकि सरकार नियमित रूप से प्रजनन दर प्रकाशित नहीं करती है।
एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने से रोक वाली पॉलिसी का असर
साल 2025 में चीन में बच्चों की जन्मदर घटकर प्रति 1,000 लोगों पर 5.63 जन्म रह गई है।
- दशकों तक एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने से रोकने वाली पॉलिसी के बाद सरकार ने 2015 में यह सीमा बढ़ाकर दो बच्चे की कर दी।
- डेमोग्राफिक दबाव का सामना करते हुए, सरकार ने 2021 में इस सीमा को और बढ़ाकर तीन बच्चे कर दिया था।
- इसके अलावा सरकार ने परिवारों को हर बच्चे के लिए 3,600 युआन (करीब 45 हजार रुपये) की कैश सब्सिडी देने की घोषणा की थी।
लोगों के व्यवहार को बदलने की दूसरी कोशिशों के साथ-साथ, सरकार ने कंडोम पर टैक्स लगाना भी शुरू कर दिया है। चीन ने 2025 में कंडोम सहित गर्भनिरोधक चीजो को वैल्यू-एडेड टैक्स छूट की लिस्ट से हटा दिया था, जिसका मतलब है कि अब कंडोम पर 13% टैक्स लग रहा है। इसका मकसद जन्मदर को बढ़ावा देना था।
बढ़ रहे बुजर्ग, कम होते युवा
विशेषज्ञों का कहना है कि जन्मदर घटने के कारण देश में काम करने वाली आबादी लगातार भी घट रही है, जबकि पेंशन पाने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर पड़ सकता है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में चीन में 60 साल से ऊपर के लोगों की संख्या 32.3 करोड़ तक पहुंच गई, जो कुल आबादी का 23 प्रतिशत है। यह 2024 के मुकाबले एक प्रतिशत ज्यादा है, यानी चीन की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है जबकि युवा कम होते जा रहे हैं जिसे विशेषज्ञ गंभीर संकट के तौर पर देख रहे हैं।
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स्रोत:
China’s Birthrate Plunges to Lowest Level Since 1949
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