Symptoms And Remedies of Calcium Deficiency: कैल्शियम हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी खनिजों में से एक है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए सबसे बुनियादी तत्व है। हमारे समाज में एक आम धारणा है कि अगर कोई दूध नहीं पीता है तो उसमें कैल्शियम की कमी होना तय है। मगर यह एक मिथक है, वास्तव में हमारी आधुनिक जीवनशैली की कई गलत आदतें शरीर में इसके अवशोषण को रोक देती हैं। उदाहरण के लिए अत्यधिक नमक का सेवन शरीर से कैल्शियम को पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है।
Health Tips: लाइफस्टाइल की ये गलतियां शरीर में बढ़ा सकती हैं कैल्शियम डेफिशियेंसी, जरूर बरतें ये सावधानियां
How to Increase Calcium Absorption: शरीर में कैल्शियम की कमी होना एक असाधारण स्थिति है। ऐसे में थोड़ी चोट लगने पर भी हड्डियां चटक जाती हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कैल्शियम की कमी होने के पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें एक बड़ा कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें भी हो सकती हैं।
पहला सवाल: क्या अत्यधिक नमक खाने से हड्डियां कमजोर होती हैं?
उत्तर: हां, नमक में मौजूद सोडियम शरीर से कैल्शियम को बाहर निकालने का काम करता है। जब हम ज्यादा नमक खाते हैं, तो गुर्दे अतिरिक्त सोडियम के साथ-साथ कैल्शियम को भी शरीर से बाहर निकालने लगते हैं, जिससे धीरे-धीरे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है।
ये भी पढ़ें- Delhi Air Pollution: बढ़ता प्रदूषण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरनाक, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
दूसरा सवाल: विटामिन-D की कमी कैल्शियम के लेवल को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर: कैल्शियम और विटामिन-D एक-दूसरे के पूरक हैं। बिना विटामिन-D के हमारा शरीर भोजन से कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पाता। अगर आप पर्याप्त धूप नहीं लेते, या विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदर्थों का सेवन नहीं करते हैं तो आप कितना भी कैल्शियम खा लें, वह शरीर के किसी काम नहीं आएगा।
ये भी पढ़ें- Health Tips: किचन के इन दो मसालों में छिपा है इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक का राज
तीसरा सवाल: क्या सोडा और कैफीन का सेवन कैल्शियम के लिए खतरनाक है?
उत्तर: सॉफ्ट ड्रिंक्स में फास्फोरिक एसिड होता है जो शरीर के कैल्शियम संतुलन को बिगाड़ देता है। वहीं चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालता है। दिन भर में 2 कप से ज्यादा कैफीन का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी आदतों में बदलाव करें। धूम्रपान और शराब से दूर रहें, क्योंकि ये सीधे तौर पर हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। रोजाना व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। ध्यान रखें आज की छोटी सी सावधानी भविष्य में आपको फ्रैक्चर और जोड़ों के दर्द से बचा सकती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।