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अमृत के समान है मां का दूध, स्तनपान कराने में आती हैं दिक्कतें तो खाने में ये चीजें करें शामिल

Wed, 11 Mar 2020 03:23 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 11 Mar 2020 03:23 PM IST
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breastfeeding is beneficial for mother and baby
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
स्तनपान बच्चे के साथ-साथ माता के लिए भी फायदेमंद है। इससे स्तन संबंधी कई तरह की बीमारियों से मां बची रहती है, वहीं बच्चे के लिए तो यह अमृत के समान है ही। कई बार ऐसा होता है कि प्रसव के बाद दूध की कमी होने पर स्तनपान कराने में काफी दिक्कत आती है।


 
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डॉ शिव शंकर त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला

वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ शिव शंकर त्रिपाठी बताते हैं कि यदि महिला और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखना है तो हमें विटामिन-ए की पूर्ति करनी ही होगी। नवजात शिशु को मां के दूध से विटामिन की आपूर्ति होती है। इसलिए जरूरी है कि मां को पोषक तत्व जरूर मिलें। विटामिन का शरीर के लिए अपना अलग ही महत्व है। यह त्वचा हड्डियों और शरीर की अन्य कोशिकाओं को मजबूत रखने में मददगार होता है। इसमें पाये जाने वाला एंटी ऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। शरीर में सूजन संबंधी समस्याएं नहीं उत्पन्न होने देता। जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं, उनके लिए विटामिन ए बहुत ज्यादा जरूरी है।

 

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new born baby - फोटो : pexels.com
विटामिन ए की कमी से हो सकती हैं ये समस्याएं
यदि शरीर में विटामिन ए की कमी होती है तो इसमें मुख्य रूप से रतौंधी नामक बीमारी होती है, जिसमें अंधेरे में कम दिखाई देता है। इसके अतिरिक्त आंखों में आंसू न बनना, सूजन, नजर कमजोर होगा, त्वचा में रूखापन, श्वसन प्रणाली में बार-बार संक्रमण होना, बच्चों का समुचित विकास न होना भी विटामिन ए की कमी का संकेत देते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
खाने में इन्हे शामिल करें
विटामिन ए की कमी न हो इसके लिए खाने में गहरे रंग वाली सब्जियों  और फल जैसे पालक, बथुआ, गाजर, ब्रोकली, लाल शकरकंद, शिमला मिर्च, चुकंदर, टमाटर, पपीता, आम को शामिल करना चाहिए। गर्भावस्था हो या सामान्य अवस्था। दवा हो या जड़ी-बूटी, बिना जाने-समझे अपने मन से, गलत मात्रा में लेने से नुकसान होता है। हर व्यक्ति की जरूरत अलग-अलग होती है। ऐसे में बिना चिकित्सक से परामर्श किए बिना दवा नहीं लेना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
दूध में बढ़ाने में इनका उपयोग होता है फायदेमंद
गर्भधारण के साथ ही गर्भवती को खाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मसूर की दाल दूध बढ़ाने में सहायक होती है। ठंड के मौसम में तीसी का दूध भी फायदा करेगा। इसके अलावा शतावर बहुत काम की चीज है। शतावर का हलवा खाने से दूध बढ़ता है। जिन्हें हलवा खाने की इच्छा न हो वे शतावत का चूर्ण किसी चिकित्सक से परामर्श लेकर गाय के दूध के साथ ले सकती हैं। आजकल बाजार में शतावर का चूर्ण आसानी से मिल जाता है। इसी तरह जीरा पीस कर गाय के दूध के साथ लेने से दूध बढ़ता है। जीरे में आयरन भरपूर होता है। इसके अलावा सौंफ का पानी भी काफी फायदेमंद होता है। यह एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाती है जो दूध बढ़ाने में मददगार होता है।
 
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