शरीर स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है कि आपके सभी अंग ठीक तरीके से काम करते रहें। जिस तरह से किडनी-लिवर से संबंधित बीमारियां सभी उम्र के लोगों में बढ़ती जा रही हैं इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सावधान करते हैं। लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। जो डिटॉक्सिफिकेशन, पाचन में मदद करने और मेटाबॉलिज्म को सही रखने जैसे कई जरूरी काम करता है। अगर लिवर ठीक से काम न करे तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखने लगता है। यही वजह है कि लिवर की छोटी सी भी परेशानी को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
Liver Disease: कहीं थक तो नहीं गया है आपका लिवर? कैसे करें इसकी घर बैठे जांच
लिवर हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग है, जो डिटॉक्सिफिकेशन, पाचन में मदद करने और मेटाबॉलिज्म को सही रखने जैसे कई जरूरी काम करता है। अगर लिवर ठीक से काम न करे तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है।
थक तो नहीं गया है आपका लिवर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर से जुड़ी समस्याएं मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही हैं। सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, युवा और बच्चे भी लिवर की बीमारियों की चपेट में हैं। गलत खानपान की इसमें सबसे बड़ी भूमिका मानी जाती है।
तली-भुनी चीजें, ज्यादा मीठी चीजें और ऐसे आहार जिनमें फाइबर की मात्रा कम होती है इन्हें पचाने और इनसे पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए लिवर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लिवर थक जाता है। इस स्थिति में आपको पाचन के साथ शरीर में और भी कई तरह की समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।
- अगर आपको बिना वजह थकान, भूख न लगने, जी मिचलाने और त्वचा में खुजली होते रहने की दिक्कत बनी रहती है तो ये बताता है कि आपका लिवर थक गया है और सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।
लिवर पर दबाव और बीमारियों की क्या पहचान है?
जैसे-जैसे आपके लिवर पर गड़बड़ खानपान के कारण दबाव बढ़ता जाता है, आपको कई तरह की समस्याएं घेरने लग जाती हैं।
- भूख न लगना, खाने में कोई दिलचस्पी न होना और बिना किसी वजह के वजन कम होना लिवर की समस्याओं का संकेत है।
- मतली और उल्टी, पेट खराब रहना और अक्सर खाना खाने के बाद अपच लगना भी अलार्म है कि लिवर अस्वस्थ है।
- लिवर की बीमारी के कारण आपको बार-बार पीलिया की दिक्कत शुरू हो जाती है।
- बिलीरुबिन जमा होने के कारण त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ने लग जाता है।
- चाय या कोला जैसा रंग का पेशाब होना भी लिवर की समस्याओं की तरफ इशारा है।
- पित्त की कमी के कारण मल हल्के रंग का हो जाता है।
- लिवर के ठीक से काम न करने के कारण पेट में तरल पदार्थ जमा होने लगता है जिससे पेट में सूजन बढ़ जाती है।
लिवर पर दबाव बढ़ाने वाले अन्य कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खान-पान में गड़बड़ी के कारण तो लिवर की दिक्कतें बढ़ती ही हैं इसके अलावा भी आपकी कुछ गड़बड़ आदतें लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकती है और लिवर को थकाने वाली हो सकती हैं।
- लंबे समय तक दवाओं का सेवन, नींद की कमी, अक्सर स्ट्रेस में रहना और स्मोकिंग भी लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां हैं।
- वायरल हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण संबंधी बीमारियां भी लिवर फंक्शन को प्रभावित करती हैं।
- जिन लोगों का वजन अधिक होता है या मोटापे का शिकार हैं उनमें भी लिवर की कार्यक्षमता कम हो सकती है और लिवर रोगों का खतरा देखा जाता है।
लिवर को हेल्दी रखने और दबाव कम करने के लिए क्या करें?
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए आपको दिनचर्या और खानपान में बस छोटे-छोटे बदलाव करने की जरूरत है।
- संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, वजन को कंट्रोल में रखना और पर्याप्त पानी पीना लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- साबुत अनाज, फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स (जैतून का तेल, एवोकाडो) का सेवन अधिक करें। ये लिवर को हेल्दी रखने में मदद करती हैं।
- प्रोसेस्ड फूड, मीठे ड्रिंक्स (सोडा, एनर्जी ड्रिंक्स), रिफाइंड शुगर और ज्यादा नमक वाली चीजें लिवर पर दबाव बढ़ाती हैं, इनसे दूरी बनाएं।
- इसके साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करना जरूरी है।
- सही आदतें अपनाकर लिवर की बढ़ती परेशानियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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