गड़बड़ लाइफस्टाइल के कारण हमारे पूरे शरीर पर नकारात्मक असर पड़ता है। किडनी-लिवर और फेफड़े जैसे अंगों से संबंधित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है तो दिमाग कैसे सुरक्षित रह सकता था? लाइफस्टाइल की खराबी, बढ़ते स्क्रीन टाइम, नींद की कमी, तनाव और गड़बड़ खानपान के कारण कम उम्र में ही लोगों को भूलने की समस्या, ध्यान न लगने और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतें होने लगी हैं।
Brain Health: याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने के लिए क्या करें? न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया तरीका
न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार दिमाग भी शरीर के अन्य अंगों की तरह है, जिसे सही पोषण, नियमित व्यायाम और मानसिक सक्रियता की जरूरत होती है। कुछ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित आदतों को अपनाकर मेमोरी पावर और कॉग्निटिव फंक्शन को बेहतर किया जा सकता है।
मांसपेशियों की तरह दिमाग को भी दें ट्रेनिंग
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं, अपने मांसपेशियों की ही तरह से आप अपने दिमाग को भी ट्रेन कर सकते हैं।
अगर जिम गए हों तो ये जानते होंगे कि मांसपेशियों को बढ़ाने और इसे मजबूत बनाने के लिए आपको रूटीन फॉलो करना होता है। वजन उठाना, मांसपेशी को चुनौती देना, फिर उन्हें आराम और पोषण देना और फिर अगले दिन यही दोहराना। समय के साथ ये अभ्यास आपके मांसपेशियों की ताकत को मजबूत बनाने में मदद करती है।
दिमाग भी हमारी मांसपेशियों की तरह ही ट्रेनिंग पर प्रतिक्रिया करता है। आप अपने दिमाग को जितनी मेहनत कराएंगे उसके मजबूत बनने और फोकस-कार्यक्षमता बढ़ने का संभावना भी उतनी ही अधिक होगी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
दशकों तक, वैज्ञानिकों का मानना था कि दिमाग के बढ़ने और खुद को रीऑर्गेनाइज करने की क्षमता (जिसे न्यूरोप्लास्टिसिटी कहते हैं) बचपन तक ही सीमित थी। एक बार जब दिमाग मेच्योर हो जाता था, तो माना जाता था कि उसकी वायरिंग फिक्स हो जाती है।
लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दशकों के रिसर्च से पता चलता है कि वयस्क दिमाग भी सही परिस्थितियों खुद को और बेहतर बनाने के लिए विकसित हो सकता है। जो लोग नई चुनौतियां लेते हैं, जैसे कि कोई भाषा सीखना, डांस करना या कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना, उनके एमआरएआई स्कैन में दिमाग के वॉल्यूम और कनेक्टिविटी में मापने में बढ़ोतरी देखी गई है।
ब्रेन पावर बढ़ाने के लिए और क्या तरीके अपनाएं
दिमाग के सामने नए-नए चैलेंज लाने के अलावा ब्रेन को हेल्दी बनाने के लिए लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार करना भी आपके लिए जरूरी माना जाता है।
- न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-बी12, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
- मछली, अखरोट, अलसी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और साबुत अनाज मेमोरी और सोचने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
- नींद के दौरान दिमाग दिनभर की जानकारी को प्रोसेस और स्टोर करता है। रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद याददाश्त मजबूत करने और फोकस बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
- नींद की कमी से एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
- पजल सॉल्व करना, किताबें पढ़ना, नई भाषा सीखना या शतरंज जैसे खेल खेलना दिमाग को सक्रिय रखता है। ऐसी गतिविधियां न्यूरॉन्स के बीच कनेक्शन मजबूत करती हैं।
- लगातार तनाव दिमाग पर नकारात्मक असर डालता। मेडिटेशन, योग और गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव कम करने में मदद करती हैं और ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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