हमारा शरीर स्वस्थ रहे और सभी अंग ठीक तरीके से काम करते रहें इसके लिए जरूरी है कि हमारा आहार ठीक हो। आहार ठीक होने का मतलब है कि आप जो कुछ भी खाते हों उनमें विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा हो। असल में हमारे शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली के लिए विटामिन्स और मिनरल्स की अहम भूमिका होती है। अक्सर हम आयरन, कैल्शियम या जिंक जैसे पोषक तत्वों पर ध्यान देते हैं, लेकिन कॉपर (तांबा) जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। पर ये शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत आवश्यक है।
Health Tips: छोटा कदम पर बड़े फायदे, आहार में कॉपर वाली चीजें जरूर करें शामिल; जानिए इसके लाभ
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, वयस्कों को रोजाना करीब 900 माइक्रोग्राम कॉपर की जरूरत होती है।
- कॉपर की कमी से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
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कितनी मात्रा में कॉपर की जरूरत?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, वयस्कों को रोजाना करीब 900 माइक्रोग्राम कॉपर की जरूरत होती है। कॉपर की कमी से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, बच्चों में कॉपर की कमी उनके मानसिक विकास में रुकावट बन सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप आहार में कुछ चीजों को शामिल करके आसानी से कॉपर की पूर्ति कर सकते हैं। जिन लोगों में इसकी बहुत ज्यादा कमी हो जाती है उन्हें डॉक्टर की सलाह से कॉपर सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है।
क्यों जरूरी है कॉपर?
कॉपर, शरीर में मौजूद एंजाइम्स को सक्रिय कर ऊर्जा उत्पादन में सहयोग करता है। आहार में कॉपर की मात्रा सुनिश्चित करके आप इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में कॉपर, संक्रमणों से लड़ने के लिए जरूरी एंटीबॉडीज को सक्रिय करता है।
कॉपर न्यूरोट्रांसमीटर के कार्य में सहायक होता है, जिससे ब्रेन हेल्थ और मानसिक संतुलन अच्छा बना रहता है। इसके अलावा यह कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों को मजबूती देता है और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिमों से भी आपको बचाता है।कॉपर फ्री रेडिकल्स से शरीर की रक्षा करता है, जिससे उम्र संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है।
कॉपर की कमी से क्या दिक्कतें होती हैं?
जिन लोगों के शरीर में कॉपर की कमी हो जाती है उन्हें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है। कॉपर की कमी का सबसे ज्यादा असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बार-बार संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
कॉपर की कमी से हड्डियों का कमजोर होने लगती हैं जिससे फ्रैक्चर होने या ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा ऐसे लोगों को अक्सर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती रहती है।
कॉपर की कमी से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कॉपर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना सबसे जरूरी है। इसके लिए आहार में नट्स (बादाम, काजू, अखरोट), सीड्स (कद्दू के बीज, तिल), साबुत अनाज, दालें और बीन्स को शामिल करें। मशरूम, पालक, शलजम और डार्क चॉकलेट भी आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
रातभर तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह पीना भी फायदेमंद माना गया है। इससे कॉपर की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।