कोरोना महामारी की दूसरी लहर से भारत पहले से ही जूझ रहा है और स्थिति गंभीर है। अस्पतालों में बेड खाली नहीं हैं, मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा और रोज संक्रमण के कारण हजारों लोगों की मौत हो रही है, यानी सीधे-सीधे कहें तो देश में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत काफी बुरी है। ऐसे में यह पहले से ही अंदेशा जताया जा रहा था कि अगर देश में कोरोना की तीसरी लहर आई, तो क्या होगा? अब केंद्र सरकार ने भी इसको लेकर गंभीर चेतावनी दी है। सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर आनी तय है।
कोरोना वायरस: देश में तीसरी लहर आने के क्या हो सकते हैं कारण? सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने बताया
कब आएगी कोरोना की तीसरी लहर?
- के. विजयराघवन ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि कोरोना महामारी तीसरी लहर देश में कब आएगी और वो किस स्तर की होगी यानी कितनी खतरनाक होगी। हालांकि उन्होंने यह जरूर आगाह किया कि हमें कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए।
A phase three is inevitable, given the higher levels of circulating virus but it is not clear on what time scale this phase three will occur. We should prepare for new waves: K VijayRaghavan, Principal Scientific Advisor to Centre pic.twitter.com/c6lRzYaV2q
— ANI (@ANI) May 5, 2021
तीसरी लहर के क्या कारण हो सकते हैं?
- के. विजयराघवन ने कहा कि जिस तरह से देशभर में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है, उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि तीसरी लहर आएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर में वायरस के इतने वैरिएंट्स नहीं थे, जितने दूसरी लहर में आ रहे हैं। इसका साफ-साफ मतलब है कि कोरोना के नए-नए वैरिएंट्स तीसरी लहर का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के आने के पीछे वायरस का रूप बदलना भी एक बड़ी वजह है।
के. विजयराघवन ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में इम्यूनिटी की वजह से संक्रमण काफी हद तक कम हो गया था, लेकिन अब लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो गई है। यही वजह है कि जो लोग पहले संक्रमित हो चुके थे, उन्हें दोबारा संक्रमण हो रहा है। ये कम इम्यूनिटी और लोगों का सावधानी न बरतना ही दूसरी लहर के आने का कारण है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अगर लोग अभी भी नहीं संभलें और लापरवाही करते रहें तो तीसरी लहर तो आ ही सकती है।
के. विजयराघवन ने कहा कि टीके कोरोना के नए वैरिएंट्स के खिलाफ भी असरदार हैं, लेकिन भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में नए वैरिएंट सामने आएंगे, लेकिन ऐसे वैरिएंट ज्यादा होंगे जो अधिक संक्रामक होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस प्रकार के वैरिएंट्स को पहले से ही पहचानने और उनके खिलाफ कारगर टूल विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
