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Coronavirus: क्या कोरोना वायरस का टीका जल्द बनने वाला है?

Mon, 09 Mar 2020 12:47 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Mon, 09 Mar 2020 12:47 PM IST
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Coronavirus vaccine trial when to be develop drugs for covid 19
Vaccine - फोटो : Social Media

चीन के वुहान से फैलना शुरु हुआ कोरोना वायरस अब दुनियाभर में फैल चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि 31 दिसंबर 2019 को हुई थी। जिस तेजी से वायरस फैला, उसे देखते हुए 30 जनवरी 2020 को इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया गया। लेकिन शुरुआती वक्त में इस वायरस के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी और इस कारण इसका इलाज भी जल्द नहीं मिल पाया।

Coronavirus vaccine trial when to be develop drugs for covid 19
हैदराबाद में मास्क पहने युवतियां(File Photo) - फोटो : PTI

अब तक इस वायरस से बचने के लिए कोई टीका नहीं बन पाया है। इस वायरस के बारे में और इसके संक्रमण के तरीकों के बारे में जानकारी तो उपलब्ध है लेकिन अब तक इसका कोई इलाज नहीं मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई देशों में डॉक्टर इससे निपटने के लिए टीका तलाशने के काम में जुटे हैं लेकिन क्या इसका टीका जल्द बन पाएगा?

Coronavirus vaccine trial when to be develop drugs for covid 19
भारत में कोरोनावायरस की दस्तक के बाद अपने बचाव के लिए मास्क पहने लोग। - फोटो : PTI
कब तक बनेगा कोरोना का टीका?
इस वायरस पर शोध करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने इसका टीका बना लिया है और जानवरों पर इसका टेस्ट शुरु कर दिया है। अगर सब कुछ सही रहा तो इसी साल इंसानों में भी इसका परीक्षण शुरु किया जा सकता है।
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Coronavirus vaccine trial when to be develop drugs for covid 19

अगर वैज्ञानिक इस बात से ख़ुश भी हैं कि कोरोना वायरस के लिए टीका मिल गया है तब भी बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन शुरु होने में अभी वक्त लगेगा है। इसका मतलब ये हुआ कि असल में अभी भी ये नहीं कहा जा सकता कि अगले साल से पहले ये टीका बाजार में उपलब्ध हो जाएगा।

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Coronavirus vaccine trial when to be develop drugs for covid 19
MR Vaccine

दशकों से वायरस से निपटने के लिए जो टीके बने उनमें असली वायरस का ही इस्तेमाल होता आया है। मीजल्स, मम्प्स और रूबेला (एमएमआर यानी खसरा, कंठमाला और रुबेला) टीका बनाने के लिए ऐसे कमजोर वायरस का इस्तेमाल होता है जो संक्रमण नहीं कर सकते। साथ ही फ्लू के टीके में भी इसके वायरस का ही इस्तेमाल होता है।

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