हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज की समस्या अब कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है। क्या आप भी इसका शिकार हैं? हर बार टेस्ट में हाई शुगर सामने आता है? अगर हां तो सावधान हो जाइए, ये स्थिति आपके पूरे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।
Diabetes Risk: शुगर कंट्रोल नहीं है तो हड्डियां भी हो जाएंगी कमजोर, डायबिटीज वाले जान लें ये बातें
डायबिटीज हड्डियों को अंदर से कमजोर कर देती है। लंबे समय तक शुगर का स्तर अनियंत्रित रहने से हड्डियों का घनत्व कम जाता है और उनकी प्राकृतिक लचीलापन खत्म हो जाती है।
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मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हड्डियों को काफी कमजोर कर दिया है। डायबिटीज का भी इसमें बड़ा रोल है।
- जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर लंबे समय तक हाई बना रहता है तो इससे कोलेजन और बोन माइक्रोस्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचता है।
- इससे हड्डियां दिखने में भले ही सामान्य लगें फिर भी ये नाजुक हो जाती हैं।
- डायबिटीज मरीजों में गिरने पर फ्रैक्चर का जोखिम भा बढ़ा हुआ देखा जाता है।
डायबिटिक बोन डिजीज का खतरा
अध्ययनों में पाया गया है कि डायबिटीज हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं का बड़ा कारण बन सकती है। इसे 'डायबिटिक बोन डिजीज' कहा जाता है।
- डायबिटीज हड्डियों को बहुत नाज़ुक कर देती हैं, उनकी सूक्ष्म संरचना को भी बदल देती है।
- डायबिटीज के मरीजों में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी अधिक देखा जाता है। इस स्थिति में हड्डियां पतली और कमजोर हो जाती हैं।
- हाई ब्लड शुगर के कारण ऊतक कड़े हो जाते हैं। इससे कंधे का जोड़ जाम हो सकता है। शुगर के मरीजों में फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा भी ज्यादा रहता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉक्टर बताते हैं, हड्डियां लगातार पुरानी कोशिकाओं को हटाकर नई कोशिकाएं बनाती रहती हैं। हाई ब्लड शुगर इस प्राकृतिक रीमॉडलिंग प्रक्रिया को बाधित कर सकती है।
- इससे नई हड्डी बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और उसकी गुणवत्ता घट सकती है।
- शोध से पता चलता है कि डायबिटीज के कारण होने वाले सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और हार्मोनल बदलाव भी इस प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं।
शुगर के मरीजों को क्या करना चाहिए?
डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए सबसे पहले अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है।
- संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, हरी सब्जियां और लो कैलोरी वाली चीजें शुगर कंट्रोल करके डायबिटीज के कारण होने वाली दिक्कतों को कम कर सकती हैं।
- नियमित व्यायाम भी हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
- पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन-डी वाली चीजों का सेवन भी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है।
- धूम्रपान और शराब से बचें, इसका बोन हेल्थ पर नकारात्मक असर पड़ता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।