पिछले एक-दो दशकों में जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण लोगों में तमाम तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसमें भी हृदय रोगों के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक मानते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल, विशेषकर बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर का बढ़ना, हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा देता है। अगर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर लिया जाए तो न सिर्फ हृदय रोगों से बचा जा सकता है, साथ ही आप स्वस्थ और लंबी जिंदगी जीने का सपना भी पूरा कर सकते हैं।
अध्ययन: कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए वरदान है यह पेय पदार्थ, हृदय रोगों और डायबिटीज से भी मिलेगी सुरक्षा
एंटीऑक्सिडेंट्स का खजाना है ग्रीन-टी
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक स्वस्थ और लंबी जिंदगी जीने का सपना देखने वाले लोगों को उन चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए जिसमें एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है। एंटीऑक्सिडेंट्स, शरीर से विषाक्तता को कम करने के साथ कैंसर और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। वहीं ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स, अन्य खाद्य और पेय पदार्थों की तुलना में अधिक प्रभावी माने जाते हैं।
हृदय रोगों के कारण मौत का खतरा होगा कम
जापान के ओहसाकी अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्रीन टी का सेवन, हृदय रोगों के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करने में सहायक है। 11 साल तक किए गए इस अध्ययन में 40-79 की आयु वाले 40 हजार से अधिक लोगों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि जिन प्रतिभागियों ने प्रतिदिन कम से कम पांच कप ग्रीन टी पी थी, उनमें हृदय रोगों के कारण मृत्यु दर का जोखिम अन्य की तुलना में कम था।
पॉलीफेनोल्स, शरीर के लिए बहुत फायदेमंद
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी ग्रीन टी के सेवन को कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों को कम करने में विशेष लाभदायक बताया गया। अध्ययन में बताया गया कि ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स होते हैं जो रक्तचाप और सूजन को कम करने के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल और शरीर से विषाक्तता को घटाने में सहायक हैं। इसके अलावा ग्रीन टी पीने वाले लोगों में मधुमेह का खतरा भी कम पाया गया है।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीन-टी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और अन्य पोषक तत्व शरीर को तमाम तरह की गंभीर बीमारियों के खतरे से बचा सकते हैं, जिससे न सिर्फ आप रोग मुक्त होते हैं, साथ ही यह आदत आपको दीर्घायु बनाने में भी सहायक है। हालांकि एक दिन में ग्रीन-टी का बहुत अधिक सेवन करना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसको लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Green Tea Consumption and Mortality Due to Cardiovascular Disease, Cancer, and All Causes in Japan
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