शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का बेहतर रहना आवश्यक होता है। हाल के कुछ वर्षों में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अल्जाइमर, डिमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक है। अल्जाइमर संगठन के अनुसार, अल्जाइमर रोग, मस्तिष्क की कोशिकाओं में क्षति के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या है। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को विशेष सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
सावधान: अल्जाइमर-डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती हैं ऐसी आदतें, तुरंत बना लें दूरी
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तनाव और अवसाद
महामारी विज्ञान और बायोस्टैटिस्टिक्स (केवाई), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और सैन फ्रांसिस्को द्वारा किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को अवसाद की समस्या होती है उनमें डेमेंशिया का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। इसके अलावा तनाव लेने की समस्या मानसिक और शारीरिक, दोनों तरह के स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है।
शराब का अधिक सेवन
अध्ययनों से पता चलता है कि शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में डेमेंशिया का खतरा अधिक होता है। अधिक मात्रा में या लंबे समय से शराब का सेवन करने वालों में यह मस्तिष्क में परिवर्तन का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शराब से परहेज करके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी तमाम तरह के समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
मोटापा या अधिक वजन की दिक्कत
मोटापा या अधिक वजन को अक्सर हृदय रोगों से जोड़कर देखा जाता है, हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि इससे डेमेंशिया का खतरा भी बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चलता है अधिक बीएमआई वाले लोगों में मनोभ्रंश विकसित होने का जोखिम दो गुना अधिक होता है। बेली फैट वाले लोगों में कुछ ऐसे हार्मोन और रसायनों का उत्पादन होता है जो सूजन और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है।
डेमेंशिया से बचने के तरीके
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेमेंशिया के जोखिम से बचे रहने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना सबसे आवश्यक माना जाता है। ऐसी आदतें आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन मीट और कम वसा वाले दूध और पनीर आदि का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
- यदि आपका भी वजन अधिक है तो स्वस्थ आहार लें और वजन कम करने के लिए व्यायाम करें।
- धूम्रपान करने से बचें।
- सिर के आघात (चोटों) और प्रदूषित वातावरण में न रहें।
- सोने और जागने का समय निर्धारित करें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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