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Tremor: हाथों का कांपना सिर्फ बुढ़ापे की निशानी नहीं, इन तीन गंभीर बीमारियों का भी हो सकता है संकेत

Mon, 16 Jun 2025 03:32 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Mon, 16 Jun 2025 03:32 PM IST
सार

अक्सर कुछ लोगों के हाथ कांपने लगते हैं। बहुत से लोगों को लगता है यह उम्र बढ़ने की वजह से हो रहा है, लेकिन असल में ये किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि हाथों का कांपना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।

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Hands Trembling Signs Risk 3 Serious Health Issues Check Diseases and Prevention Details
हाथों का कांपना - फोटो : Adobe Stock

Hands Trembling Signs: अक्सर जब हम हाथों को कांपते हुए देखते हैं, तो हमारा दिमाग तुरंत उसे बुढ़ापे या बढ़ती उम्र से जोड़ देता है। यह एक आम धारणा है कि हाथ कांपना सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या है, लेकिन सच्चाई इससे काफी अलग है। यह हमेशा उम्र का संकेत नहीं होता, बल्कि कई बार यह हमारे शरीर में पनप रही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकता है, जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है।



हाथों का अनियंत्रित कंपन, जिसे चिकित्सा भाषा में ट्रेमर कहते हैं, इसके पीछे कई कारण हो सकता है। यदि आप या आपके किसी करीबी को बार-बार, बेवजह या लगातार हाथ कांपने की समस्या महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। समय रहते इसके पीछे के कारण को जानना और डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं अगर आपका हाथ कांप रहा है तो ये किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।

Hands Trembling Signs Risk 3 Serious Health Issues Check Diseases and Prevention Details
हाथों का कांपना - फोटो : Adobe Stock

तनाव
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या है। तनाव के कारण शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ता है, जिससे हाथों में कंपन हो सकता है। इसके अलावा, कॉफी, चाय, या एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन का अधिक सेवन भी नसों को उत्तेजित करता है, जिससे हाथ कांपने लगते हैं। यह कंपन अस्थायी हो सकता है, लेकिन अगर तनाव या कैफीन की मात्रा लगातार अधिक रहे, तो यह समस्या गंभीर हो सकती है। तनाव प्रबंधन के लिए योग, ध्यान, और कैफीन का सेवन सीमित करना इस स्थिति को नियंत्रित कर सकता है।

 

Hands Trembling Signs Risk 3 Serious Health Issues Check Diseases and Prevention Details
हाथ कांपना - फोटो : Adobe Stock

आवश्यक कंपन (एसेंशियल ट्रेमर)
आवश्यक कंपन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें हाथ, सिर, या शरीर के अन्य हिस्सों में अनियंत्रित कंपन होता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसके लक्षण अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। यह पारिवारिक इतिहास से भी जुड़ा हो सकता है। लिखने, खाने, या बर्तन पकड़ने जैसे कामों में दिक्कत होना इसके आम लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर दवाओं या थेरेपी के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

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हाथ कांपना - फोटो : Adobe Stock

पार्किंसंस रोग
पार्किंसंस एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग में डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। हाथों का कांपना इसका प्रमुख लक्षण है। इसके साथ शरीर में अकड़न, धीमी गति, और संतुलन की कमी जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। यह बीमारी आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों में देखी जाती है, लेकिन युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। शुरुआती निदान और इलाज से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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हाथ कांपना - फोटो : Adobe Stock
हाथों का कांपना अगर बार-बार हो, किसी खास स्थिति में बढ़े, या रोजमर्रा के कामों में बाधा डाले, तो इसे हल्के में न लें। न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श और उचित जांच जैसे ब्लड टेस्ट, एमआरआई, या सीटी स्कैन से कारण का पता लगाया जा सकता है। साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, जैसे पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, और तनाव कम करना, इस समस्या को रोकने में मददगार हो सकता है।

यह समझना जरूरी है कि हाथों का कांपना सिर्फ बुढ़ापे की निशानी नहीं, बल्कि कई बार शरीर का हमें सचेत करने का तरीका हो सकता है। समय पर ध्यान देकर और सही इलाज लेकर इस समस्या से ठीक किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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