देश के ज्यादातर हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी-लू की चपेट में हैं। लगातार बढ़ता हुआ तापमान सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में 26 मई तक लू चलने का पूर्वानुमान लगाया है।
Heatwave: दिल्ली-एनसीआर में हीट स्ट्रोक के दो मामले, डॉक्टर से जानिए कौन से लक्षण हैं तो तुरंत जाएं अस्पताल
हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। इसमें दिल की धड़कन तेज हो जाती है और भ्रम, बेहोशी या दौरे तक आ सकते हैं। समय रहते डॉक्टर की मदद मिल जाए तो गंभीर खतरों से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं आपको कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
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दिल्ली में हीट स्ट्रोक के दो मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में अब तक हीटस्ट्रोक के दो मामले रिपोर्ट किए गए हैं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय छात्र को रात करीब 1:45 बजे भर्ती कराया गया। दूसरा मरीज 50 वर्ष का है। दोनों को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था।
- अस्पताल के अनुसार, छात्र ट्रेन से यात्रा कर रहा था, तभी उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी।
- डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर का तापमान 105°F से ज्यादा हो गया था और उसे बार-बार उल्टी, दस्त और भ्रम की शिकायत भी हो रही थी।
- उसकी हालत गुरुवार की रिपोर्ट तक गंभीर बनी हुई थी।
डॉक्टरों ने लू के बढ़ते खतरों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट किया है।
गर्मी तोड़ रही रिकॉर्ड, क्या कहते हैं डॉक्टर?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 14 वर्षों में पहली बार गुरुवार को दिल्ली में मई महीने की सबसे गर्म रात रिकॉर्ड की गई, इस दौरान न्यूनतम तापमान 31.9°C पर पहुंच गया। इससे पहले, 26 मई 2012 को न्यूनतम तापमान इससे 32.5°C रिकॉर्ड किया गया था।
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर तुषार शर्मा कहते हैं, पिछले कुछ दिनों से ओपीडी में लगातार तेज बुखार, लो बीपी और चक्कर आने की समस्या के साथ मरीजों का आना जारी है।
- सामान्य दवाओं और उपचार से ज्यादातर लोग आसानी से ठीक हो जा रहे हैं, अभी किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
- इसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। बच्चे और बुजुर्गों में हीट स्ट्रोक और इसके कारण होने वाली समस्याओं का खतरा ज्यादा देखा जाता रहा है।
हीट स्ट्रोक हो सकता है खतरनाक, पहचानें शुरुआती संकेत
डॉक्टर कहते हैं, हीट स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।
- जब शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र फेल हो जाता है और शरीर तेजी से गर्म होने लगता है, उसे हीट स्ट्रोक कहते हैं।
- हीट स्ट्रोक में व्यक्ति को पसीना आना बंद हो सकता है, त्वचा गर्म हो जाती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है।
- कुछ लोगों को भ्रम, बेहोशी या दौरे तक आ सकते हैं। यदि समय पर इलाज न मिले, तो यह दिमाग, हृदय, लिवर और किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
- कई मामलों में मल्टी ऑर्गन फेलियर और मौत का खतरा भी रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार खूब पानी पीते रहना, धूप से बचाव करना हीट स्ट्रोक से बचने के लिए जरूरी है। बच्चों का शरीर जल्दी गर्म होता है और डिहाइड्रेशन भी तेजी से हो सकता है, इसलिए बच्चों की सेहत को लेकर खास सावधानी जरूरी है।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
लू लगने की समस्या कई बार घरेलू उपायों और शरीर को ठंडा रखने से ठीक हो जाती है, हालांकि कुछ स्थितियों में इसके गंभीर खतरे भी हो सकते हैं।
- यदि किसी व्यक्ति का शरीर बहुत गर्म है, तेज बुखार है और वह भ्रमित या बेहोश होने लगे, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है।
- बार-बार उल्टी होना, सांस लेने में दिक्कत, दिल की धड़कन बहुत तेज होना या पसीना अचानक बंद हो जाना गंभीर संकेत माने जाते हैं।
- तेज बुखार के साथ ठीक से बोल न पाना या मानसिक स्थिति में बदलाव हो, तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
- समय पर डॉक्टरी मदद मिलने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।