Ebola in india: क्या भारत में भी हो गई है इबोला की एंट्री? जानिए पहले कब-कब फैला संक्रमण और किसे ज्यादा खतरा
Ebola Outbreak 2026: इबोला वायरस सबसे घातक संक्रमणों में गिना जाता है, ये एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता का कारण बन गया है। हालात इतने गंभीर हो गए कि भारत और अफ्रीकी संघ को आगामी इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट तक स्थगित करना पड़ा। ऐसे में सवाल ये है कि क्या भारत में भी इबोला की एंट्री हो गई है?
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कांगो और युगांडा से बीते दिनों शुरू हुआ इबोला का प्रकोप देखते-देखते वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसके खतरे को आंकते हुए पहले ही 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया हुआ है। इस वायरस को लेकर अब एशियाई देशों में भी चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इसका असर ये रहा कि नई दिल्ली में 28-31 मई को आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन को भी स्थगित कर दिया गया है।
वैसे तो विदेश मंत्रालय ने इसको स्थगित करने के कारणों का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं किया लेकिन कहा कि चूंकि अफ्रीकी देशों में इन दिनों इबोला का असर देखा जा रहा है, इसलिए संभवत: ये कदम उठाया गया है।
कई देशों में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत पहले से ही अलर्ट मोड पर है। बुधवार (20 मई) को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें इबोला वायरस को लेकर तैयारियों का आकलन किया गया।
इन सभी हलचलों के बीच लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इबोला की भारत में भी एंट्री हो गई है?
भारत पहुंच गया इबोला?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में अब तक संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी के बाद निगरानी और रोकथाम उपायों को और सख्त किया गया है।
- एहतियाती तौर पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- एयरपोर्ट पर निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
- क्वारंटीन प्रोटोकॉल, मरीजों के प्रबंधन और लैब परीक्षण से जुड़े मानक पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे जा चुके हैं।
DGHS (Directorate General of Health Services) issues passenger advisory regarding Ebola Virus pic.twitter.com/KI4BwX9UqP
— ANI (@ANI) May 21, 2026
मंत्रालय ने कहा कि भारत को ऐसी परिस्थितियों से निपटने का पूर्व अनुभव है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
भारत में पहले कब रिपोर्ट किया गया था इबोला
भारत में कभी भी इबोला वायरस का कोई घरेलू प्रकोप या सक्रिय संक्रमण देखने को नहीं मिला है।
साल 2014 में पश्चिम अफ्रीका में फैले वैश्विक इबोला के जोखिमों के दौरान एकमात्र मामला 10 नवंबर, 2014 में सामने आया था। लाइबेरिया से लौटे 26 वर्षीय भारतीय नागरिक में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान पुष्टि हुई थी। हालांकि उसे सफलतापूर्वक आइसोलेट कर ठीक कर लिया गया था और देश में इससे संबंधित संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया था।
- हालिया प्रकोप के जोखिमों के बीच केंद्र ने सभी नागरिकों सेजारी दिशा-निर्देशों और सलाह का पालन करने की अपील की है।
- सरकार ने इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए अलर्ट जारी किया है।
- बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर यात्रियों को एयरपोर्ट हेल्थ डेस्क पर तुरंत सूचना देनी होगी।
- यात्रियों को भारत आने के 21 दिनों तक अपनी सेहत की निगरानी करने की सलाह दी गई है।
इबोला का संक्रमण कैसे फैलता है?
इबोला के जोखिमों से बचे रहने के लिए सबसे जरूरी ये जानना है कि वायरस फैलता कैसे है और इससे बचे रहने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
- मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, पसीना, उल्टी या वीर्य के संपर्क से ये फैल सकता है।
- अस्पतालों, स्वास्थ्यकर्मियों और संक्रमित मरीज के परिजनों को सबसे अधिक जोखिम में माना जाता है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला का संक्रमण कोविड की तरह हवा के जरिए नहीं फैलता। इसी कारण से संक्रमण को कंट्रोल करना अपेक्षाकृत संभव माना जाता है।
इबोला का जोखिम किन लोगों को ज्यादा?
इबोला वायरस का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में आते हैं।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी, अस्पताल स्टाफ और मरीजों की देखभाल करने वाले परिजन सबसे अधिक जोखिम में होते हैं।
- संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, पसीने, लार, वीर्य या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से वायरस फैल सकता है, इसलिए इससे बचाव सबसे जरूरी है।
- कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि अफ्रीका में कई संक्रमण अंतिम संस्कार के दौरान भी फैले, क्योंकि शव को छूने की पारंपरिक प्रथाएं संक्रमण का कारण बनीं।
- अगर आपके घर में या कोई दोस्त अफ्रीकी देशों की यात्रा करके आया है तो उसके सीधे संपर्क से बचना चाहिए।
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स्रोत:
Follow-up of Ebola Patient, 2014–2015
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