High Blood Pressure Causes: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में 'हाई ब्लड प्रेशर' एक ऐसी साइलेंट किलर बीमारी बन गई है, जो धीरे-धीरे लोगों के स्वास्थ्य की नींव को खोखला कर रही है। आमतौर पर इसे हम अक्सर ही सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें एक बड़ा कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें होती हैं।
Hypertension: दिनचर्या की ये गलत आदतें बना सकती हैं आपको हाई बीपी का मरीज, आज से ही बरतें ये सावधानियां
Daily Habits Raising BP: हाई बीपी एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से शरीर कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कई बढ़ जाता है। हाई बीपी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, इनमें से एक बड़ा कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें हैं जिसकी वजह से कम उम्र में ही हाइपरटेंशन की समस्या होने लगती है। इसलिए आइए इस लेख में उन्हीं आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड का खतरा
हमारी रसोई में मौजूद सफेद नमक का सीधा संबंध हमारे बीपी से है। सोडियम की अधिक मात्रा शरीर में पानी के ठहराव को बढ़ाती है, जिससे खून का आयतन बढ़ जाता है और धमनियों पर दबाव पड़ता है। जंक फूड, चिप्स, और डिब्बाबंद अचार में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक हेल्दी वयस्क को दिन भर में एक छोटे चम्मच (5 ग्राम) से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए।
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शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ता वजन
आज के कॉर्पोरेट कल्चर में या यूं कह लें कि आधुनिक नौकरियों में घंटों बैठकर काम करना और व्यायाम न करना बीपी का सबसे बड़ा कारण है। जब शरीर सक्रिय नहीं होता, तो हार्ट को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। बढ़ता वजन, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, बीपी को अनियंत्रित कर देती है। रोजाना सिर्फ 30 मिनट मॉर्निंग वॉक करना या योग करना आपकी धमनियों को लचीला बना सकता है और खून के प्रवाह को सुचारू रख सकता है।
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तनाव और नींद की भारी कमी
लगातार मानसिक तनाव और नींद पूरी न होना शरीर में 'एड्रेनालाईन' जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाते हैं, जो दिल की धड़कन और बीपी को तेज कर देते हैं। अगर आप रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं लेते हैं तो शरीर की बीपी को नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित होती है। शांत दिमाग और गहरी सांस लेने वाले व्यायाम तनाव को कम कर धमनियों के दबाव को सामान्य रखने में मदद करते हैं।
नियमित जांच और सावधानी है जरूरी
बीपी से बचने का एकमात्र तरीका है निरंतर जागरूकता और अनुशासन है। समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें, क्योंकि बचाव इलाज से हमेशा बेहतर होता है। पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें और शराब व धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं। आज ली गई एक छोटी सी सावधानी आपको कल की बड़ी मेडिकल इमरजेंसी से बचा सकती है और आपको एक लंबा व स्वस्थ जीवन दे सकती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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