होली रंगों और उत्सव का त्योहार है। होली में हम एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं, रंग-गुलाल लगाते हैं, ये आपसी भाईचारे और प्रेम का प्रतीक त्योहार है। होली के उत्सव का आनंद तभी अच्छी तरह से लिया जा सकता है जब आप अपनी सेहत को लेकर जरूर सावधानियां बरतते रहें।
Holi Eye Care: होली खेलते वक्त आंखों का रखें खास ख्याल, जानें आंखों में रंग चला जाए तो तुरंत क्या करें?
होली के दौरान अगर रंग आंख में चला जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं और आंखों को बिल्कुल न रगड़ें। तुरंत साफ और ठंडे पानी से 10–15 मिनट तक आंखों को धीरे-धीरे धोएं। किसी भी तरह की आई ड्रॉप बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें।
होली के दौरान आंखों का रखें ख्याल
नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं, बाजार में मिलने वाले कई सस्ते और सिंथेटिक रंगों में लेड, कॉपर सल्फेट जैसे मेटल और हानिकारक रसायन हो सकते हैं। इनका संपर्क त्वचा, आंख और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है।
- हमारी आंखें बहुत संवेदनशील होती हैं, रंग या गुलाल अगर आंखों में चला जाए तो इससे जलन-चुभन, लालिमा का खतरा बढ़ जाता है।
- खराब क्वालिटी वाले या रसायन युक्त रंग आंखों में सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।
- कई बार रंगों में मौजूद माइक्रोपार्टिकल्स आंखों में ऊपरी सतह में रगड़ या खरोंच पैदा कर सकते हैं जिससे संक्रमण हो सकता है।
आंखों में रंग-गुलाल चला जाए तो क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बेहद जरूरी हैं। अगर गलती से आंखों में रंग-गुलाल चला जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत कुछ कदम उठाएं।
- आंखों को बिल्कुल न मलें। रगड़ने से आंखों की नाजुक मांसपेशियों और कॉर्निया को नुकसान हो सकता है।
- साफ पानी से आंखों को धीरे-धीरे धोएं रंग के कण बाहर निकल सकें।
- अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहने हों तो उन्हें तुरंत निकाल दें।
- आंखों में जलन बनी रहे तो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी ड्रॉप न डालें।
- अगर आंखों में तेज दर्द, सूजन या जलन ठीक नहीं हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर कहते हैं, रंग-गुलाल के संपर्क में आने से आंखों में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस, जलन, खुजली और सूजन हो सकती है। वहीं कैमिकल युक्त रंग आंखों की ऊपरी परत कॉर्निया को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- अगर आप आंखों में चुभन होने पर आंखों को रगड़ देते हैं तो इससे रंग के महीन कण नाजुक मांसपेशियों में कट का कारण बन सकते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- बच्चों की आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए उनमें खतरा और ज्यादा हो सकता है।
पहले से ही बरतें सावधानी
विशेषज्ञ कहते हैं, होली खेलते समय चश्मा या सनग्लास पहनना आंखों की सुरक्षा में मदद कर सकता है। ऑर्गेनिक और हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। छोटे बच्चों को विशेष निगरानी में रखें, क्योंकि वे अनजाने में आंखें मल सकते हैं। आंखों में कुछ भी चला जाए तो सिर्फ साफ पानी से अच्छे से धोएं, ज्यादातर मामलों में इन सावधानियों से किसी गंभीर समस्या के खतरे को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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