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Health Tips: छोटी सी रबर बन सकती है आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा! जानें कैसे रखें ध्यान
Mon, 03 Aug 2026 12:54 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:54 PM IST
सार
How Pressure Cooker Gasket Affect Health: सुनने में ये भले ही अजीब लगे, लेकिन ये सच है। कुकर, जिसमें आप खाना बनाते हैं, उसमें लगी रबर आपकी हेल्थ के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। कैसे? आइए इस बारे में बात करते हैं।
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प्रेशर कुकर की रबर रिंग बन सकती है बीमारी की वजह
- फोटो : AI
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How Pressure Cooker Gasket Affect Health: प्रेशर कुकर हर भारतीय किचन की जरूरत बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी एक छोटी-सी रबर गैसकेट आपकी सेहत से जुड़ी हो सकती है? हम अक्सर कुकर की सीटी, ढक्कन और सफाई का ध्यान रखते हैं, लेकिन गैसकेट को नजरअंदाज कर देते हैं। यही रबर रिंग लंबे समय तक गर्मी, भाप और दबाव के संपर्क में रहती है।
प्रेशर कुकर की रबर रिंग बन सकती है बीमारी की वजह
- फोटो : AI
प्रेशर कुकर की रबर गैसकेट से सेहत को कैसे हो सकता है नुकसान?
पुरानी गैसकेट में जमा हो सकते हैं बैक्टीरिया
कुकर की गैसकेट लगातार नमी, गर्मी और खाने के संपर्क में रहती है। अगर इसे नियमित रूप से साफ नहीं किया जाता है, तो इसमें तेल, मसाले और भोजन के छोटे कण जमा हो सकते हैं। यह गंदगी बैक्टीरिया के बढ़ने का कारण बन सकती है, जो खाने की स्वच्छता को प्रभावित कर सकती है।
पुरानी गैसकेट में जमा हो सकते हैं बैक्टीरिया
कुकर की गैसकेट लगातार नमी, गर्मी और खाने के संपर्क में रहती है। अगर इसे नियमित रूप से साफ नहीं किया जाता है, तो इसमें तेल, मसाले और भोजन के छोटे कण जमा हो सकते हैं। यह गंदगी बैक्टीरिया के बढ़ने का कारण बन सकती है, जो खाने की स्वच्छता को प्रभावित कर सकती है।
प्रेशर कुकर की रबर रिंग बन सकती है बीमारी की वजह
- फोटो : AI
खराब रबर से भोजन की सुरक्षा पर असर
समय के साथ रबर गैसकेट अपनी लचक खोने लगती है। ज्यादा पुरानी या खराब गुणवत्ता वाली गैसकेट गर्मी के कारण जल्दी खराब हो सकती है। ऐसे में कुकर की सीलिंग सही नहीं रहती और खाना बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
समय के साथ रबर गैसकेट अपनी लचक खोने लगती है। ज्यादा पुरानी या खराब गुणवत्ता वाली गैसकेट गर्मी के कारण जल्दी खराब हो सकती है। ऐसे में कुकर की सीलिंग सही नहीं रहती और खाना बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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प्रेशर कुकर की रबर रिंग बन सकती है बीमारी की वजह
- फोटो : AI
रसायनों के संपर्क का खतरा
कुछ सस्ती या घटिया गुणवत्ता वाली रबर सामग्री गर्म तापमान में अपनी गुणवत्ता खो सकती है। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद गैसकेट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।
कुछ सस्ती या घटिया गुणवत्ता वाली रबर सामग्री गर्म तापमान में अपनी गुणवत्ता खो सकती है। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद गैसकेट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।
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प्रेशर कुकर की रबर रिंग बन सकती है बीमारी की वजह
- फोटो : AI
गैसकेट की सफाई कैसे करें?
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- हर इस्तेमाल के बाद गैसकेट निकालकर साफ पानी से धोएं।
- इसे पूरी तरह सुखाने के बाद ही कुकर में लगाएं।
- गैसकेट में दरार, चिपचिपापन या बदबू महसूस हो तो बदल दें।
- सफाई के लिए तेज केमिकल का इस्तेमाल न करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।