शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खान-पान की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। हालांकि जिस तरह से जंक-प्रोसेस्ड फूड्स, पैक्ड स्नैक्स की आदत लोगों में बढ़ती जा रही है। इसने शरीर में न्यूट्रिएंट्स की कमी का जोखिम बढ़ा दिया है। लिहाजा बड़ी संख्या में लोगों में विटामिन-सी, डी, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी बढ़ती जा रही है।
Vitamin Deficiency: नसों और दिमाग पर भी असर डाल सकती है इस जरूरी विटामिन की कमी, कहीं आप भी तो नहीं हैं शिकार
विटामिन B12 की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि अक्सर उन पर ध्यान ही नहीं जाता। अच्छी बात यह है कि समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए तो अधिकांश मामलों में इलाज संभव है।
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विटामिन बी-12 की कमी के मामले
विटामिन बी-12 की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि अक्सर उन पर ध्यान ही नहीं जाता। यदि यह कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो नसों को स्थाई नुकसान और याददाश्त की समस्या हो सकती हैं। खास बात यह है कि सिर्फ शाकाहारी लोगों में ही नहीं, बल्कि मांसाहारी लोग, बुजुर्ग, डायबिटीज की दवाएं लेने वाले और पेट की बीमारियों से जूझ रहे लोग भी इसकी कमी का शिकार हो सकते हैं।
- विटामिन बी-12 पानी में घुलने वाला विटामिन है । यह डीएनए बनने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह नसों के चारों ओर मौजूद मायलिन शीथ को सुरक्षित रखने में मदद करता है, जिससे मस्तिष्क और शरीर के बीच संदेश सही तरीके से पहुंचते हैं।
- इसकी कमी होने पर एनीमिया के साथ-साथ न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।
- शरीर स्वयं विटामिन बी12 नहीं बनाता, इसलिए इसे भोजन या सप्लीमेंट से प्राप्त करना जरूरी होता है।
क्यों होती है इसकी कमी?
डॉक्टर बताते हैं, विटामिन बी12 की कमी का सबसे बड़ा कारण भोजन में इस पोषक तत्व का न होना है। इसके अलावा शरीर में बी12 के सही तरीके से अवशोषित न हो पाने के कारण भी दिकक्तें हो सकती हैं।
- पेट में बनने वाला इंट्रिंसिक फैक्टर नामक प्रोटीन बी12 को अवशोषित करने में मदद करता है। यदि आपको पेट या छोटी आंत की बीमारी हो या लंबे समय तक एसिड कम करने वाली दवाएं ले रहे हों तो भी बी12 की कमी हो सकती है।
- शाकाहारी और वीगन लोगों में भी इसका जोखिम अधिक होता है क्योंकि बी12 मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
मस्तिष्क और नसों पर इसकी कमी का असर
विटामिन-बी12 की कमी को आमतौर पर थकान-कमजोरी जैसे लक्षणों के साथ जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इसके कई और संकेत होते हैं जिनपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। लंबे समय तक बी12 की कमी रहने पर नसों में क्षति, हाथ-पैरों में झुनझुनी, संतुलन बिगड़ने, याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- मस्तिष्क के सामान्य कामकाज के लिए विटामिन बी-12 जरूरी है। इसकी कमी से कुछ लोगों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, भूलने की आदत बढ़ना, मानसिक भ्रम जैसी दिक्कतें हो सकती है।
- जब नसों को पर्याप्त बी12 नहीं मिलता, तो शरीर की संतुलन बनाए रखने वाली प्रणाली प्रभावित हो सकती है। मरीज को चलते समय लड़खड़ाहट, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई या पैरों में असामान्य कमजोरी महसूस हो सकती है।
संतुलित आहार और शरीर में विटामिन बी-12 की कमी का कारण बनने वाली स्थितियों के इलाज से इसकी दिक्कतों को ठीक किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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